नहीं रहेगी गैस की किल्लत ! होर्मुज से दो LPG जहाज भारत की ओर बढ़े, ईरान की मंजूरी बाद पार किया खतरनाक रास्ता
punjabkesari.in Saturday, Mar 14, 2026 - 06:47 PM (IST)
International Desk: मिडल ईस्ट में जारी युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर आई है। एलपीजी लेकर आ रहे दो टैंकर शिवालिक और नंदा देवी होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। इससे भारत में चल रही रसोई गैस और औद्योगिक एलपीजी की भारी कमी के बीच कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक, ये दोनों जहाज इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने चार्टर किए हैं, जबकि इनके मालिक शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया हैं। बताया गया है कि दोनों टैंकर अगले हफ्ते भारत पहुंच सकते हैं। यह इसलिए अहम है क्योंकि होर्मुज का रास्ता पिछले करीब दो हफ्तों से लगभग ठप जैसा बना हुआ था और वहां से जहाज निकालना बेहद मुश्किल हो गया था।
सूत्रों के अनुसार, इन जहाजों को नई दिल्ली और तेहरान के बीच हुए किसी समझौते के बाद सुरक्षित ट्रांजिट मिला। हालांकि इस समझ पर आधिकारिक तौर पर पूरी पुष्टि सामने नहीं आई है। भारत के विदेश मंत्रालय ने तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की, जबकि एक ईरानी अधिकारी ने भी औपचारिक समझौते की पुष्टि करने से इनकार किया। इसलिए इस हिस्से को सूत्रों के हवाले से ही देखा जाना चाहिए। जहाजों की निगरानी करने वाले सिस्टम AIS के अनुसार, दोनों जहाजों ने खुद को भारतीय सरकारी पोत के रूप में संकेतित किया। ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि शिवालिक पहले ही होर्मुज पार कर चुका है, जबकि नंदा देवी रास्ते में है। हालांकि उस समुद्री क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप के कारण जहाजों की सटीक लोकेशन ट्रैक करना मुश्किल बताया गया है।
दोनों जहाज कतर के रास लाफान से लोड होकर निकले थे।भारत इस समय एलपीजी की गंभीर कमी झेल रहा है। एलपीजी का इस्तेमाल सिर्फ घरों में खाना पकाने के लिए ही नहीं, बल्कि उद्योगों और पेट्रोकेमिकल यूनिट्स में भी होता है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक है और अपनी कुल जरूरत का करीब 90 फीसदी मध्य-पूर्व से लेता है। यही वजह है कि होर्मुज में रुकावट का असर भारत पर बहुत तेजी से पड़ा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत, जो अपने कच्चे तेल का भी बड़ा हिस्सा फारस की खाड़ी से लाता है, टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ईरान से लगातार बातचीत कर रहा है।
इतना ही नहीं, अब कई और एलपीजी जहाज भी इस समुद्री रास्ते को पार करने के लिए कतार में बताए जा रहे हैं। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में भारत को और राहत मिल सकती है, बशर्ते क्षेत्रीय हालात और न बिगड़ें। कुल मिलाकर, शिवालिक और नंदा देवी का होर्मुज पार करना भारत के लिए सिर्फ दो जहाजों की खबर नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा की बड़ी राहत है। गैस संकट के बीच यह घटनाक्रम भारत के बाजार, सप्लाई चेन और आम उपभोक्ताओं के लिए बहुत अहम माना जा रहा है।
