ट्रंप का होर्मुज पर यू-टर्नः बोले-वहीं देश सुरक्षा करें जो इसका इस्तेमाल करते, बढ़ाई भारत की टेंशन
punjabkesari.in Monday, Mar 23, 2026 - 07:29 PM (IST)
International Desk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप Donald Trump ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा बयान दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर नई चिंता पैदा हो गई है। उन्होंने साफ कहा कि Strait of Hormuz की सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी अमेरिका नहीं उठाएगा, बल्कि उन देशों को करनी चाहिए जो इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि अमेरिका इस जलडमरूमध्य का उपयोग नहीं करता, इसलिए इसकी सुरक्षा में सीधे तौर पर शामिल होने की जरूरत नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि अन्य देश अनुरोध करते हैं, तो अमेरिका सहयोग कर सकता है।यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच तनाव चरम पर है।
28 फरवरी के बाद से इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं, जिससे होर्मुज के रास्ते समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ है और कई देशों में ऊर्जा संकट के हालात बनने लगे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले ट्रंप ने Iran को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोल दे। उन्होंने चेतावनी दी थी कि ऐसा न करने पर अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और पावर ग्रिड पर हमला कर सकता है। लेकिन अब उनका यह नया बयान एक तरह से रणनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा असर भारत जैसे देशों पर पड़ सकता है।
भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से पूरा होता है। भारत के लगभग 40% कच्चे तेल का आयात और करीब 54% LNG सप्लाई इसी होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आती है। यदि यह मार्ग लंबे समय तक प्रभावित रहता है, तो भारत में ईंधन की कमी, महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। कुछ क्षेत्रों में एलपीजी संकट की खबरें भी सामने आई हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाती हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि ईरान ने कुछ भारतीय तेल और गैस टैंकरों को गुजरने की अनुमति दी है, लेकिन कुल मिलाकर स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के इस रुख के बाद अब खाड़ी क्षेत्र के देशों और बड़े आयातक देशों जैसे भारत, चीन और जापान पर दबाव बढ़ेगा कि वे खुद अपने समुद्री व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
