बंगाल में 15 साल बाद हुआ सत्ता परिवर्तन, महुआ मोइत्रा बोलीं- हम जनता के फैसले का सम्मान करते हैं
punjabkesari.in Tuesday, May 05, 2026 - 11:32 AM (IST)
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत और टीएमसी के 15 साल के शासन के अंत के बाद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपनी बात रखी। उन्होंने हार स्वीकार करते हुए पार्टी के संघर्ष को गर्व के साथ रेखांकित किया। महुआ मोइत्रा ने अपने पोस्ट में लिखा कि "जनता की इच्छा सर्वोपरि है। अगर बंगाल भाजपा को चाहता था, तो बंगाल को भाजपा मिल गई है। हम इसका सम्मान करते हैं। हमने अकल्पनीय चुनौतियों और एक असमान पिच (Uneven Pitch) पर डटकर मुकाबला किया, इसके लिए मुझे अपने नेता और अपनी पार्टी पर गर्व है।" उन्होंने आगे कहा कि वे एक धर्मनिरपेक्ष देश के लिए लड़ना जारी रखेंगी, जहाँ संविधान की बात अंतिम हो, न कि केवल संख्याबल का वर्चस्व।
<
The will of the people is supreme. If Bengal wanted BJP then Bengal has got BJP. We respect that. We fought the good fight against unimaginable odds on an uneven pitch and for that I am proud of my leader & my party. We will continue to stand & fight for a secular country where…
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) May 5, 2026
>
चुनाव के मुख्य आँकड़े और समीकरण
294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। ममता बनर्जी की पार्टी 81 सीटों पर सिमट गई है। खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट पर शुभेंदु अधिकारी के हाथों 15,000 से अधिक वोटों से हार झेलनी पड़ी। कांग्रेस को 2, सीपीआई(एम) को 1, एआईएसएफ (AISF) को 1 और आम जनता उन्नयन पार्टी को 2 सीटें मिली हैं। वोट % की बात करें तो BJP को 46% और टीएमसी को 41% वोट मिले। वहीं वाम मोर्चे को 4% और कांग्रेस को 3% वोट प्राप्त हुए।
कहाँ पिछड़ गई टीएमसी?
आँकड़ों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस का प्रदर्शन कई क्षेत्रों में बेहद निराशाजनक रहा। पार्टी 10 जिलों (जैसे कूचबिहार, पूर्वी मेदनीपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग) में एक भी सीट जीतने में नाकाम रही। इसके अलावा, आदिवासी और मतुआ समुदाय के दबदबे वाली सभी सीटों पर भी भाजपा ने जीत दर्ज की। निर्वाचन आयोग के अनुसार, दक्षिण 24 परगना की फलता सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान होगा, जिसके नतीजे 24 मई को घोषित किए जाएंगे।
