Traffic Challan: 12 सितंबर को लगेगी लोक अदालत, इन चालानों पर मिल सकती है राहत
punjabkesari.in Friday, Sep 11, 2026 - 06:40 PM (IST)
नई दिल्ली: जिन लोगों का पुराना ट्रैफिक चालान पेंडिंग है, तो उनके लिए राहत की खबर सामने आई है। 12 सितंबर को नेशनल लोक अदालत लगने जा रही है, जिसके अंतर्गत कई लंबित मामलों में कम खर्च के साथ निपटारा किया जा सकता है। कुछ मामलों का बिना जुर्माने के भी निपटारा किया जा सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि लोक अदालत में हर ट्रैफिक चालान माफ कर दिया जाएगा। चालान किस वजह से काटा गया है और मामला कितना गंभीर है, इसी आधार पर राहत का फैसला किया जाता है।
जुर्माने की राशि कम की जा सकती है
लोक अदालत का उद्देश्य लंबित मामलों का जल्द और कम खर्च में समाधान करना है। ट्रैफिक से जुड़े छोटे मामलों में सुनवाई के दौरान जुर्माने की राशि कम की जा सकती है। कुछ मामलों में परिस्थितियों को देखते हुए चालान का निपटारा बिना जुर्माने के भी हो सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला संबंधित मामले की स्थिति और सुनवाई के दौरान तय होता है।
इन चालानों में मिल सकती है राहत
छोटे ट्रैफिक उल्लंघनों से जुड़े मामलों में लोक अदालत में राहत मिलने की संभावना हो सकती है। इनमें बिना हेलमेट वाहन चलाना, सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करना, ट्रैफिक सिग्नल का उल्लंघन, गलत जगह वाहन पार्क करना, वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) नहीं होना या वाहन का इंश्योरेंस समाप्त होना जैसे मामले शामिल हो सकते हैं।
सभी ट्रैफिक चालान माफ नहीं
लोक अदालत में पहुंचने वाले सभी चालानों को माफ किया जाना जरूरी नहीं है। राहत इस बात पर निर्भर करती है कि वाहन चालक ने कौन सा नियम तोड़ा है और मामला कितना गंभीर है। इसलिए लोक अदालत को ट्रैफिक चालान की 100 प्रतिशत माफी की गारंटी नहीं माना जा सकता।
इन मामलों में राहत मिलना मुश्किल
गंभीर ट्रैफिक उल्लंघनों से जुड़े मामलों में राहत मिलने की संभावना कम रहती है। शराब या नशे की हालत में वाहन चलाना और हिट एंड रन जैसे गंभीर मामलों को सामान्य ट्रैफिक उल्लंघनों की तरह नहीं देखा जाता। ऐसे मामलों में कार्रवाई संबंधित कानून और नियमों के अनुसार ही की जाती है और पूरा जुर्माना भी लग सकता है।
