रेल नेटवर्क को मिलेगी नई रफ्तार: 5 राज्यों के व्यस्त रूटों के लिए ₹10,783 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी

punjabkesari.in Thursday, Sep 10, 2026 - 08:35 AM (IST)

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश के 5 प्रमुख राज्यों में रेल यातायात को सुगम बनाने और ट्रेनों की लेट-लतीफी खत्म करने के लिए एक बड़े प्लान को मंजूरी दी है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि 10,783 करोड़ की लागत से 7 सबसे व्यस्त रेल रूटों पर 656 किलोमीटर नई रेलवे लाइनें जोड़ी जाएंगी।

इस कदम से मौजूदा ट्रैक पर दबाव कम होने और ट्रेनों के सुचारू रूप से चलने में मदद मिलने की उम्मीद है। रेलवे की अतिरिक्त क्षमता से यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों, दोनों को ही फ़ायदा होने की संभावना है। इन प्रोजेक्ट्स में पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्से शामिल होंगे। इस काम से लगभग 14 जिलों को फ़ायदा होगा। बेहतर रेल संपर्क लगभग 4,790 गांवों तक भी पहुंचेगा, जिससे करीब 56 लाख लोगों की आबादी को लाभ मिलेगा।
 
सरकार ने खड़गपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन पर बागदेही तक चौथी लाइन को मंज़ूरी दी है। कटनी-पेंड्रा रोड सेक्शन पर भी चौथी लाइन को मंज़ूरी दी गई है। इसके अलावा, बिलासपुर (या उसलापुर) और पेंड्रा रोड के बीच तीसरी लाइन बनाई जाएगी। ये अतिरिक्त ट्रैक उन रूटों पर ट्रेनों के लिए ज़्यादा जगह उपलब्ध कराएंगे जहां पहले से ही भारी ट्रैफ़िक है। 

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कैबिनेट के फ़ैसलों की घोषणा की। उन्होंने 26 अगस्त को भी इन रूटों के विस्तार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी थी। नई लाइनों से रेलवे नेटवर्क की क्षमता में सुधार होने की उम्मीद है। ज़्यादा ट्रैक उपलब्ध होने से रेलवे अधिकारियों को यात्री और मालगाड़ियों के संचालन में अधिक सुविधा मिलेगी।
 
इन प्रोजेक्ट्स से सबसे बड़े संभावित फ़ायदों में से एक है ट्रेनों की भीड़भाड़ में कमी। फिलहाल, व्यस्त रेलवे रूटों पर सीमित ट्रैक पर ही कई यात्री और मालगाड़ियों का संचालन करना पड़ता है। नई लाइनें जोड़ने से ट्रेनों की आवाजाही के लिए ज़्यादा जगह बनाने में मदद मिल सकती है। इन प्रोजेक्ट्स से यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही की योजना बनाना भी आसान हो जाएगा।  सरकार को उम्मीद है कि इन प्रोजेक्ट्स से सामान की ढुलाई भी बेहतर होगी। रेलवे की बेहतर क्षमता से इंडस्ट्रीज़ को कच्चा माल और तैयार उत्पाद आसानी से लाने-ले जाने में मदद मिलेगी, साथ ही मौजूदा रेलवे लाइनों पर दबाव भी कम होगा।

 रेलवे के विस्तार से पर्यटन और स्थानीय व्यवसायों को भी मदद मिलने की उम्मीद है। इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बाद कई महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक रेल कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। इनमें पुरी का जगन्नाथ मंदिर, बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व, अमरकंटक, अचानकमार टाइगर रिज़र्व, तारातारिणी मंदिर और रतनपुर का महामाया मंदिर शामिल हैं। बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए इन जगहों तक पहुंचना आसान हो सकता है।

सरकार को उम्मीद है कि नई रेलवे लाइनें यात्रा को बेहतर बनाएंगी, स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगी और 5 राज्यों में कनेक्टिविटी को मज़बूत करेंगी।  


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Content Editor

Anu Malhotra

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