चीन के खतरे से निपटने के लिए 50000 सैनिकों की एलएसी पर तैनाती, छह सैन्य डिविजनों को एलएसी पर लगाया गया

punjabkesari.in Monday, May 16, 2022 - 05:36 PM (IST)

नेशनल डेस्कः सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने हाल ही में लद्दाख सेक्टर के दौरे के दौरान चीन के खतरे को देखते हुए वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सुरक्षा हालात की समीक्षा की। चीन से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए सेना ने छह डिवीजनों को एलएसी पर तैनात किया है। इनमें करीब 50000 सैनिक हैं। ये डिवीजनें पहले पाकिस्तान के मोर्चे पर और आतंकवाद से निपटने के लिए तैनात थीं।

50 हज़ार सैनिकों की तैनाती
असम के तेजपुर से 'गजराज' को भी पूर्वोत्तर में चीन से मुकाबले के लिए भेजा गया है। 17 माउंटेन स्ट्राइक डिवीजन को झारखंड में वेस्ट फ्रंट से पूर्वोत्तर और उत्तराखंड से एक स्ट्राइक डिवीजन को सेंट्रल कमांड में लगाया गया है। वहीं उत्तर प्रदेश में वेस्टर्न फ्रंट से दो डिवीजन को लद्दाख में नॉर्दन कमांड पर तैनात किया गया है। बीते दो साल से चीन भारी संख्या में सैनिकों को भारत में भेजकर क्षेत्राधिकार बढ़ाने की साजिश रच रहा है। इसे देखते हुए भारत की तरफ से 50 हज़ार सैनिकों की तैनाती की गई है।

चीन को भारत की दो टूक
बता दें, मार्च में भारत दौरे पर आए चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ करीब 3 घंटे मुलाकात के बाद भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि सामान्य संबंधों की बहाली के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति एवं अमन बहाल होना जरूरी है। भारत ने चीन से स्पष्ट रूप से कहा था कि अगर सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति 'असामान्य' होगी तब द्विपक्षीय संबंध 'सामान्य' नहीं हो सकते। 

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Yaspal

Related News

Recommended News