इस साल आपका बिजली बिल आएगा Zero, बस घर में करवा लें ये छोटा-सा काम
punjabkesari.in Friday, Jan 02, 2026 - 11:34 AM (IST)
नेशनल डेस्क : लगातार बढ़ते बिजली बिल और बार-बार हो रही बिजली कटौती से आम लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। गर्मी हो या बरसात, घर की ज्यादातर जरूरतें अब बिजली पर ही निर्भर हैं। ऐसे में हर महीने आने वाला भारी-भरकम बिजली बिल खासकर मिडिल क्लास और कम आय वाले परिवारों के बजट को बिगाड़ देता है। इसी समस्या से राहत देने के लिए सरकार ने एक खास योजना शुरू की है, जिससे आने वाले समय में बिजली का बिल लगभग खत्म किया जा सकता है।
मुफ्त बिजली के लिए सरकार की बड़ी योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2024 में PM Surya Ghar - Muft Bijli Yojana की शुरुआत की थी। इस योजना का उद्देश्य देशभर के घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ना है। इसके तहत घरों की छत पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं, जिससे लोग खुद बिजली पैदा कर सकें। सरकार ने इस योजना के लिए 75 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट तय किया है और 2026-27 तक एक करोड़ घरों को इससे जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
हर महीने मिल सकती है 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली
अगर घर में सही क्षमता का सोलर सिस्टम लगाया जाता है, तो हर महीने करीब 300 यूनिट तक बिजली मुफ्त मिल सकती है। जरूरत से ज्यादा बनी बिजली को ग्रिड में भेजा जा सकता है, जिससे उपभोक्ता को अतिरिक्त फायदा भी मिलता है। इससे न सिर्फ बिजली का बिल कम होता है, बल्कि भविष्य में बढ़ने वाली बिजली दरों से भी राहत मिलती है।
सोलर लगाने पर कितनी मिलेगी सब्सिडी
सरकार सोलर पैनल लगाने पर सीधी सब्सिडी देती है।
- 1 किलोवाट सिस्टम पर लगभग 30,000 रुपये
- 2 किलोवाट सिस्टम पर करीब 60,000 रुपये
- 3 किलोवाट या उससे अधिक सिस्टम पर अधिकतम 78,000 रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है
इस योजना का लाभ वही लोग ले सकते हैं जो भारतीय नागरिक हों, जिनके पास अपना घर और वैध बिजली कनेक्शन हो। साथ ही, पहले किसी अन्य सोलर सब्सिडी का लाभ न लिया हो और घर की छत सोलर पैनल के लिए उपयुक्त हो।
कैसे करें आवेदन
इस योजना के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है।
- आवेदक को सबसे पहले pmsuryaghar.gov.in वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करना होता है।
- इसके बाद बिजली उपभोक्ता नंबर डालकर आवेदन किया जाता है।
- DISCOM से तकनीकी मंजूरी मिलने के बाद रजिस्टर्ड वेंडर द्वारा सोलर सिस्टम लगाया जाता है।
- इंस्टॉलेशन और निरीक्षण पूरा होने पर नेट मीटर लगाया जाता है और सब्सिडी सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।
