गुम हुए 24 साल के यह भारतीय युवा क्रिकेटर... कभी होती थी सचिन-सहवाग से तुलना

punjabkesari.in Tuesday, Jul 23, 2024 - 09:44 AM (IST)

नेशनल डेस्क: भारतीय क्रिकेट टीम का यह समय फॉर्म में होने का बेहतरीन सबूत है। जून में रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब जीता है। इसके बाद शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे को उसी केे घर में हुए 5 मैचों की टी20 सीरीज में 4-1 से हराया। अब भारतीय टीम श्रीलंका दौरे पर है, जिसके लिए स्क्वॉड भी घोषित कर दिया गया है, लेकिन इस दौरान एक बहुत बड़ी खबर है, जो पृथ्वी शॉ के करियर को लेकर है।

पृथ्वी शॉ ने क्रिकेट की दुनिया में अपनी रहनुमाई बड़ी ही तेजी से बनाई, लेकिन उनका करियर इसी तेजी से भी उतार-चढ़ाव में रहा है। किसी टाइम पर इनकी तुलना मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग से भी जाती थी। मगर अब ये 24 साल का युवा स्टार कहीं गुम हो गया है। कम उम्र में सफलता पाने वाले इस प्लेयर ने साल 2013 में उन्होंने मुंबई के एक क्लब मैच में 500 से ज्यादा रनों की पारी खेली थी। जिसके बाद उनकी कैप्टेंसी में टीम इंडिया ने अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता था। 

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टीम इंडिया आने के बाद लगातार अंदर-बाहर होते रहे। पर शायद अब लगता है कि पृथ्वी शॉ परमानेंट ही भारतीय टीम से बाहर हो गए है। उन्होंने अपना आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला 25 जुलाई 2021 को खेला था। यह उनका टी20 इंटरनेशनल का डेब्यू मैच भी रहा। यानि पृथ्वी शॉ को अपना टी20 इंटरनेशनल का डेब्यू मैच खेलने के बाद किसी भी फॉर्मेट के लिए टीम में जगह ही नहीं मिली। श्रीलंका के खिलाफ खेले गए इस डेब्यू टी20 मैच में पृथ्वी शॉ खाता भी नहीं खोल सके थे। वो पहली ही बॉल पर गोल्डन डक के साथ आउट हुए थे।  

धमाकेदार डेब्यू और विवाद
पृथ्वी शॉ ने अपने करियर की शुरुआत वेस्टइंडीज के खिलाफ राजकोट टेस्ट में एक धमाकेदार शतक के साथ की थी, जो उनकी क्रिकेट क्षमता की प्रशंसा का केंद्र बन गया। अक्टूबर 2018 में हुए इस मैच में पृथ्वी शॉ ने पहली ही इनिंग में 134 रनों की शतकीय पारी खेलकर धमाकेदार शुरुआत की लेकिन उनके करियर में विवाद भी उसी तरह से सामाजिक मीडिया पर छाए रहे, जैसे कि डोपिंग टेस्ट में फेल होना और बैन का सामना करना। इसके बाद पृथ्वी शॉ चोटिल हो गए और टीम से बाहर हो गए। 

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अंतराल में दौरे और विवाद
उनके अंतराल में कई दौरों में उन्हें टीम से हटाया गया, जिससे उनकी वापसी मुश्किल बन गई। वे कई अवसरों पर अच्छे प्रदर्शन करते दिखे, लेकिन उनकी स्थिति मजबूत नहीं रही। घरेलू क्रिकेट और IPL में भी उन्होंने अपने प्रदर्शन से टीम में अपनी जगह बनाने का प्रयास किया, लेकिन इसमें सफलता हासिल नहीं की।

लॉकडाउन में गोवा जाते हुए पकड़े गए
कोरोनाकाल के दौरान मई 2021 में लॉकडाउन लगा हुआ था। उसी बीच पृथ्वी शॉ को गोवा में छुट्टी मनाने का मन हुआ और वो कार लेकर कोल्हापुर के रास्ते गोवा के लिए निकल पड़े थे। तब उन पर नियमों के उल्लंघन का भी आरोप लगा था, क्योंकि वो बगैर ई-पास के निकले थे। इस कारण उनको महाराष्ट्र के अंबोली में पुलिस ने रोक लिया, तब पृथ्वी शॉ ने अधिकारियों से उन्हें जाने देने की अपील की, लेकिन वे नहीं माने। करीब एक घंटे के इंतजार के बाद पृथ्वी शॉ ने मोबाइल के जरिए ई-पास के लिए अप्लाई किया, जिसके बाद उन्हें गोवा जाने की अनुमति मिली। 

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नई उम्मीदें और विपरीतताएं
वे क्रिकेट की दुनिया में एक नई उम्मीद थे, जिनकी उम्मीदें उच्च थीं, लेकिन अनियमितताओं और विवादों ने उनकी क्रिकेट करियर की राह में कई बाधाएं डाल दीं। वे सामाजिक मीडिया और मीडिया में अक्सर चर्चा में रहे, लेकिन उनके प्रदर्शन में निरंतरता की कमी उनकी बड़ी समस्या बन गई। पृथ्वी शॉ के करियर की इस दौरानी सफलता और विवादों का संघर्ष उनके क्रिकेट करियर की अनूठी कहानी है। वे अपनी क्षमता और उम्मीदों से उच्चाईयों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनके सामने आए चुनौतियों ने उनकी प्रगति में विघ्न डाला। उन्हें इस संघर्ष से बाहर आकर अपनी क्रिकेट करियर को नई दिशा देने का समय आया है।

 


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Content Editor

Mahima

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