Heavy Rain Alert: मौसम दिखायेगा रौद्र रुप, 10 और 11 अप्रैल को होगी भीषण बारिश, IMD का अलर्ट जारी

punjabkesari.in Saturday, Apr 05, 2025 - 02:57 PM (IST)

नेशलन डेस्क: उत्तराखंड में अप्रैल की शुरुआत में ही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। मैदानों में मई-जून जैसी गर्मी महसूस की जा रही थी जबकि पहाड़ों में भी धूप के कारण दिन के समय तापमान तेजी से बढ़ रहा था। लेकिन अब राहत की खबर आई है। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने 10 और 11 अप्रैल को पूरे उत्तराखंड में बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि 8 अप्रैल से ही राज्य के कई हिस्सों में मौसम बदलना शुरू हो जाएगा और कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यह बदलाव एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (तड़गा विक्षोभ) के कारण हो रहा है जो उत्तर भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

पहले किन जिलों में होगी बारिश
आईएमडी के मुताबिक, 8 अप्रैल को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में बारिश की संभावना है। 9 अप्रैल को इन जिलों के अलावा अल्मोड़ा, चम्पावत और नैनीताल जिलों में भी मौसम बिगड़ सकता है।

10 और 11 अप्रैल को पूरे राज्य में बारिश
10 और 11 अप्रैल को उत्तराखंड के सभी जिलों में बारिश होने की संभावना है। खासतौर पर उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में अधिकांश स्थानों पर अच्छी बारिश हो सकती है। वहीं अन्य जिलों में भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के आसार हैं।

तेज गर्मी से मिलेगी राहत
उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में इन दिनों तापमान लगातार बढ़ रहा था जिससे लोगों को अप्रैल में ही जून जैसी गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। बारिश के इस ताजे दौर से लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

फसलों को मिलेगा जीवनदान
बारिश न होने के कारण राज्य के कई हिस्सों में जल स्रोत सूखने लगे थे और फसलें भी मुरझाने लगी थीं। पहाड़ी इलाकों की प्रसिद्ध झीलों का जल स्तर भी कम होता जा रहा था। बारिश के इस नए दौर से खेती-किसानी को राहत मिल सकती है और नदियों के जल स्तर में भी सुधार होने की संभावना है।

जलस्तर में गिरावट बना चिंता का विषय
बारिश की कमी के चलते राज्य की प्रमुख नदियों और झीलों का जलस्तर तेजी से घट रहा है। कई क्षेत्रों में पेयजल संकट भी गहराने लगा है। मौसम विभाग की यह भविष्यवाणी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे जल संकट पर कुछ हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।

यात्रियों और पर्यटकों के लिए चेतावनी
जो लोग पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा की योजना बना रहे हैं उन्हें सलाह दी गई है कि वे मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखें। बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कों पर फिसलन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। प्रशासन भी अलर्ट मोड में है और सभी जिलों को जरूरी तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं।


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Content Editor

Ashutosh Chaubey

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