Vaishno Devi Landslide: परिवारवालों से किया वादा जल्द आएंगे घर लेकिन घर पहुंचे शव, चंद मिनटों में मातम में बदलीं खुशियां
punjabkesari.in Friday, Aug 29, 2025 - 04:25 PM (IST)

नेशनल डेस्क: वैष्णो देवी में बीते दिनों हुआ हादसा काफी भयानक था। इस हादसे में अनुमानित 34 लोगों की जान गई है। हादसे के बाद अब कुछ लोगों की कहानियां सामने आ रही है कि कैसे ये सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बना। कैसे एक पल में हंसती खेलती जिंदगियां खामोश हो गईं।
बुझ गए एक घर के चार चिराग-
एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली कहानी है राजस्थान के नागौर और सुजानगढ़ की सामने आई है। यहां के एक ही परिवार के चार भाई एक साथ इस दुनिया को अलविदा कह गए। इन चारों भाइयों के नाम अनिल, अरविंद गजानन और संदीप थे। अनिल और अरविंद दोनों सगे भाई हैं।
परिवार को जल्द घर आने का वादा-
जानकारी के अनुसार चारों भाई 7 दिन पहले श्रीनगर घूमने गए थे। वहां से वापसी के समय चारों माता वैष्णो देवी का आशीर्वाद लेने पहुंचे। इस हादसे से पहले उन्होंने घर पर फोन करके अपनी यात्रा से जुड़े कुछ पल भी साझा किए थे। साथह ही उन्होंने परिवारवालों को जल्द ही घर वापिस की वादा भी किया। उस फोन कॉल के बाद अचानक पहाड़ों से मौत का मलबा उन पर आ गिरा और पलक झपकते ही हमेशा के लिए सब खत्म हो गया।
घर में बना मातम का माहौल -
हादसे की खबर के बाद से परिवार में मातम का माहौल बन गया है। परिवार उनके शवों के लिए जम्मू चले गए। अरविंद, अनिल, गजानन और संदीप, ये चार नाम आज उन बाजारों में सिर्फ यादें बनकर रह गए हैं, जहां कभी इनकी दुकानें हुआ करती थीं। जिन दुकानों के शटर हर सुबह उम्मीद के साथ उठते थे, आज उन पर मायूसी के ताले लटक गए हैं। इन चार व्यापारियों की अचानक हुई मौत ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है।