Stray Dogs Killed: चुनावी वादों को करना था पूरा, इसलिए 500 कुत्तों को जहर देकर मार दिया, इस राज्य की अनोखी घटना से मचा हड़कंप
punjabkesari.in Wednesday, Jan 14, 2026 - 03:09 PM (IST)
नेशनल डेस्क: तेलंगाना में नए साल की शुरुआत इंसानियत को झकझोर देने वाली एक भयावह घटना के साथ हुई है। गांवों को “आवारा कुत्तों से मुक्त” करने के नाम पर सैकड़ों बेजुबान जानवरों को मौत के घाट उतार दिया गया। अब इस सामूहिक क्रूरता पर पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़े पैमाने पर जांच शुरू कर दी है। हनमकोंडा और कामारेड्डी जिलों में सात ग्राम प्रधानों सहित कुल 15 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। आरोप है कि स्थानीय चुनावों के दौरान किए गए विवादित वादों को पूरा करने के लिए आवारा कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन दिए गए।
चुनावों में किया गया था ‘कुत्ता-मुक्त गांव’ का वादा
स्थानीय पंचायत चुनावों के दौरान कई उम्मीदवारों ने कुत्तों के बढ़ते हमलों से परेशान ग्रामीणों को भरोसा दिलाया था कि वे उनके गांवों को आवारा कुत्तों से पूरी तरह मुक्त कर देंगे। लेकिन इस वादे को निभाने का तरीका कानून और मानवता—दोनों के खिलाफ निकला। पिछले दो हफ्तों में राज्य के अलग-अलग इलाकों से करीब 500 कुत्तों की मौत की खबरें सामने आई हैं। 12 जनवरी 2026 को स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया से जुड़े एनिमल क्रुएल्टी प्रिवेंशन मैनेजर अदुलापुरम गौतम ने माचारेड्डी थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि पलवांचा मंडल में ही दो-तीन दिनों के भीतर लगभग 200 कुत्तों को मार दिया गया।
कैमरे में कैद हुई क्रूरता
इस मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब जगतियाल जिले के धर्मपुरी नगरपालिका क्षेत्र से एक वीडियो सामने आया। वीडियो में एक व्यक्ति सड़क पर बैठे कुत्ते को जहरीला इंजेक्शन लगाता दिखाई देता है। इंजेक्शन लगते ही कुत्ता कुछ ही सेकंड में तड़पकर गिर पड़ता है। आसपास दो और कुत्तों के शव भी कैमरे में दिखते हैं। हनमकोंडा के श्यामपेटा क्षेत्र में पुलिस ने 110 कुत्तों के शव बरामद किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मौत के सही कारणों की पुष्टि के लिए कुछ शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है।
सरकार और सुप्रीम कोर्ट सख्त
मामले की गंभीरता को देखते हुए तेलंगाना सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि Animal Birth Control (ABC) नियमों को सख्ती से लागू किया जाए। सरकार ने साफ किया है कि आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान हत्या नहीं, बल्कि कानूनी और वैज्ञानिक तरीकों से ही होगा। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने भी आवारा कुत्तों के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने कहा कि कुत्तों के काटने से होने वाली चोटों के लिए राज्य सरकारों को भारी मुआवजा देना पड़ सकता है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि कुत्तों को मारना पूरी तरह अवैध है और किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
