SUV, 60 गोलियां, 120 सेकंड: कैसे पॉश गुड़गांव सोसायटी बना युद्ध का मैदान, पुलिस मुठभेड़ में 4 बदमाश ढेर
punjabkesari.in Saturday, Jul 11, 2026 - 04:32 PM (IST)
नेशनल डेस्क: हरियाणा के कुख्यात अपराधी दीपक नांदल के गिरोह के जिन चार बदमाशों की गुरुग्राम में मुठभेड़ के दौरान मौत हुई, वे कारोबारी विशाल बेरी से कई करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने आए थे। पुलिस ने बताया यह मुठभेड़ में 60 से अधिक राउंड फायरिंग हुई, जिन्हें कथित तौर पर एक 36 वर्षीय व्यक्ति के पास भेजा गया था। बृहस्पतिवार देर रात गुरुग्राम के सुशांत लोक ए-ब्लॉक में हुई, जहां प्रॉपर्टी कारोबारी और एसजीटी यूनिवर्सिटी के संस्थापक के पुत्र विशाल बेरी रहते हैं। पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ में गिरोह के चार बदमाश मारे गए, जबकि एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया।
गोलीबारी में तीन पुलिसकर्मी भी घायल
वहीं, दोनों ओर से हुई गोलीबारी में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। पुलिस के अनुसार, मारे गए चार बदमाशों में से तीन रोहतक जिले के निवासी थे, जबकि चौथा फतेहाबाद का रहने वाला था। गिरोह का घायल सदस्य शिवम है, जो नूंह जिले के कोटा बिसार गांव का निवासी है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से बदमाशों की काले रंग की एसयूवी और कई अत्याधुनिक हथियार बरामद किए हैं।
दीपक नांदल गिरोह के पांचों बदमाशों
मामले की जांच शुरू कर दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, दीपक नांदल गिरोह के पांचों बदमाशों ने विशाल बेरी को उनके घर में कथित तौर पर बंधक बना दिया था। घटना के समय बेरी घर पर अकेले थे। पुलिस के मुताबिक, यह घटना रात करीब साढ़े 11 बजे हुई। पुलिस नियंत्रण कक्ष से अपराध शाखा की टीम को सूचना मिली कि हथियारों से लैस कुछ संदिग्ध बदमाश एक एसयूवी में घूम रहे हैं। जब तक पुलिस दल सुशांत लोक क्षेत्र में पहुंचे, तब तक बदमाश कथित तौर पर अत्याधुनिक हथियारों से विशाल बेरी के घर पर गोलीबारी शुरू कर चुके थे।
चार बदमाश मारे गए
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने बदमाशों से आत्मसमर्पण करने की अपील की, लेकिन उन्होंने पुलिस पर ही गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद हुई जवाबी गोलीबारी में चार बदमाश मारे गए और एक घायल हो गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि विशाल बेरी को सुरक्षित बचा लिया गया। गोली लगने से घायल तीन पुलिसकर्मियों की पहचान अपराध शाखा सेक्टर-40 के एएसआई सुनील, कांस्टेबल मंजीत और कांस्टेबल शमशेर के रूप में हुई है। उन्हें उपचार के लिए मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रॉपर्टी कारोबारी बेरी से मांगी थी रंगदारी
गुरुग्राम पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा, ''मारे गए बदमाशों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए शवगृह ले जाया गया है। मारे गए अपराधियों की पहचान, बरामद हथियारों और अन्य तथ्यों की पुष्टि के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। मामले की जांच जारी है।'' पुलिस के अनुसार, बेरी को लंबे समय से विदेश में बैठे वांछित गैंगस्टर दीपक नांदल की ओर से रंगदारी के संदेश मिल रहे थे। उसके गिरोह के सदस्यों ने झज्जर जिले के मूल निवासी और प्रॉपर्टी कारोबारी बेरी से कई करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की थी। दीपक नांदल कभी हरियाणवी संगीत उद्योग का एक चर्चित चेहरा था।
सोशल मीडिया से युवाओं को गिरोह में करता है शामिल
बाद में उसका नाम दिल्ली और हरियाणा में रंगदारी, हत्या, अपहरण और फिरौती जैसी कई आपराधिक वारदातों से जुड़ गया। पुलिस का आरोप है कि नांदल विदेश में रहकर अपना आपराधिक नेटवर्क संचालित करता है और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को अपने गिरोह में शामिल करता है। उसके संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन और कनाडा जैसे देशों में सक्रिय होने की भी जानकारी है। दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की पुलिस लंबे समय से दीपक नांदल की तलाश कर रही है।
