''दिल्ली नेक्स्ट'' में चुने गए 60 इनोवेशन, सरकार करेगी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू
punjabkesari.in Friday, Jul 03, 2026 - 07:57 PM (IST)
नेशनल डेस्क : क्या तकनीक की मदद से ट्रैफिक जाम, जलभराव, वायु प्रदूषण और सरकारी सेवाओं से जुड़ी रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है? इसी उद्देश्य के साथ आयोजित 'दिल्ली नेक्स्ट–कोड, क्रिएट एंड चेंज' कार्यक्रम में देशभर के युवाओं ने राजधानी की चुनौतियों के लिए तकनीक आधारित समाधान पेश किए। अब चयनित आइडिया को दिल्ली सरकार पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू करने की तैयारी कर रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं में बदलाव लाने की क्षमता है और उन्हें सही अवसर मिलने पर वे तकनीक के जरिए शहरों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
क्या है 'दिल्ली नेक्स्ट' कार्यक्रम?
दिल्ली सरकार के अनुसार, 'दिल्ली नेक्स्ट–कोड, क्रिएट एंड चेंज' एक सिविक-टेक इनोवेशन कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य छात्रों, डेवलपर्स, स्टार्टअप फाउंडर्स, उद्यमियों और तकनीकी विशेषज्ञों को राजधानी की नागरिक समस्याओं के समाधान तैयार करने के लिए एक मंच उपलब्ध कराना है।
सरकार का दावा है कि इस पहल के जरिए एक करोड़ से अधिक युवाओं तक पहुंच बनाई गई। कई चरणों की स्क्रीनिंग और मूल्यांकन के बाद देशभर से 60 टीमों का चयन किया गया, जिन्होंने अपने समाधान सरकारी अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों और मेंटर्स के सामने प्रस्तुत किए।
आज Delhi Next – Code, Create & Change में देशभर से आए युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और इनोवेशन को देखकर मन गर्व से भर गया।
यह देश का सबसे बड़ा सिविक-टेक इनोवेशन प्रोग्राम है, जिसने 1 करोड़ से अधिक युवाओं तक अपनी पहुंच बनाई। उनमें से चुनी गई शीर्ष 60 टीमों ने ट्रैफिक, जलभराव, प्रदूषण,… pic.twitter.com/3npCjE6401
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) July 2, 2026
किन समस्याओं पर तैयार किए गए समाधान?
चयनित टीमों ने ट्रैफिक प्रबंधन, जलभराव, वायु प्रदूषण, कचरा प्रबंधन, सार्वजनिक सुरक्षा और डिजिटल नागरिक सेवाओं जैसे विषयों पर तकनीक आधारित मॉडल तैयार किए। इन समाधानों को इस तरह विकसित किया गया है कि सफल होने पर इन्हें बड़े स्तर पर लागू किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि कार्यक्रम में शामिल युवाओं की रचनात्मक सोच और तकनीकी समझ यह दर्शाती है कि नई पीढ़ी केवल रोजगार तलाशने तक सीमित नहीं है, बल्कि समस्याओं के व्यावहारिक समाधान भी विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ऐसी पहलों को प्रोत्साहित करना चाहती है, जिनसे तकनीक के माध्यम से नागरिकों का जीवन आसान हो और सरकारी सेवाएं अधिक प्रभावी बन सकें। मुख्यमंत्री ने युवाओं से विकसित दिल्ली के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने और नए विचारों के साथ आगे आने की अपील भी की।
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर होंगे लागू
कार्यक्रम की खास बात यह है कि यह केवल हैकाथॉन तक सीमित नहीं रहेगा। चयनित टीमों को दिल्ली सरकार के संबंधित विभागों के साथ मिलकर अपने समाधान पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने का अवसर मिलेगा। इसके लिए उन्हें विशेषज्ञों की मेंटरशिप, तकनीकी सहायता और तय कार्ययोजना भी उपलब्ध कराई जाएगी।
युवाओं और शासन के बीच नई पहल
'दिल्ली नेक्स्ट' का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि युवाओं के नवाचार को सुशासन से जोड़ना है। सरकार का मानना है कि यदि तकनीकी विशेषज्ञ, स्टार्टअप और प्रशासन मिलकर काम करें तो शहरी समस्याओं के प्रभावी और टिकाऊ समाधान विकसित किए जा सकते हैं। पायलट परियोजनाओं के सफल रहने पर इन मॉडलों को व्यापक स्तर पर लागू करने पर भी विचार किया जाएगा।
