ईरान-इजरायल युद्ध की मार: जानें क्या भारत में महंगी हो सकती हैं गाड़ियां?
punjabkesari.in Wednesday, Apr 08, 2026 - 09:17 AM (IST)
Impact of Middle East War on Indian Auto Sector : पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में ईरान से जुड़े युद्ध के बादल अब भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए मुसीबत बन गए हैं। युद्ध के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन बिगड़ गई है जिससे न केवल गाड़ियों का प्रोडक्शन महंगा हो रहा है बल्कि शोरूम तक नई गाड़ियां पहुंचने में भी हफ्तों की देरी हो रही है। ऑटो डीलर्स ने चेतावनी दी है कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो ग्राहकों को अपनी पसंदीदा कार या बाइक के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
FADA के सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा
फेडरेशन ऑफ ऑटो डीलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FADA) ने हाल ही में एक सर्वे किया है जिसके नतीजे डराने वाले हैं:
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सप्लाई में देरी: आधे से ज्यादा (50%+) ऑटो डीलर्स ने माना है कि युद्ध के चलते गाड़ियों और पार्ट्स की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है।
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3 हफ्ते का वेटिंग पीरियड: लगभग 17% डीलर्स ने बताया कि गाड़ियों की डिलीवरी में 3 हफ्ते से भी ज्यादा की देरी हो रही है।
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बढ़ती लागत: स्टील, एल्युमिनियम, कॉपर और गैस की कीमतें बढ़ने से कंपनियों की 'प्रोडक्शन कॉस्ट' (बनाने की लागत) बढ़ गई है जिसका बोझ अंततः ग्राहकों पर ही पड़ेगा।
महंगे पेट्रोल-डीजल से कमर्शियल वाहनों पर संकट
युद्ध के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें बढ़ रही हैं। सर्वे के अनुसार 36% डीलर्स का मानना है कि ईंधन की बढ़ती कीमतें ग्राहकों के फैसले को प्रभावित करती हैं। इसका सबसे बुरा असर कमर्शियल वाहन (ट्रक, बस आदि) सेगमेंट में देखने को मिल रहा है क्योंकि ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने से नए वाहनों की मांग घट सकती है।
क्या होगा भविष्य का असर? (एक्सपर्ट्स की राय)
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 3 से 6 महीने ऑटो सेक्टर के लिए 'अग्निपरीक्षा' जैसे होंगे। कच्चे माल की कमी और महंगा ईंधन गाड़ियों की कीमतों को और बढ़ाएगा। लागत बढ़ने से ऑटो कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन में गिरावट आएगी। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से लोग तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की तरफ रुख कर सकते हैं।
