मोदी-ट्रंप कॉल में अचानक एंट्री… एलन मस्क की मौजूदगी से उठे बड़े सवाल, क्या है पर्दे के पीछे का खेल?
punjabkesari.in Saturday, Mar 28, 2026 - 02:41 AM (IST)
इंटरनेशनल डेस्कः एलन मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी के बीच हुई एक अहम फोन कॉल में हिस्सा लिया। यह जानकारी द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में सामने आई है। ईरान युद्ध के बीच इस तरह किसी निजी व्यक्ति का दो देशों के शीर्ष नेताओं की बातचीत में शामिल होना कूटनीतिक परंपराओं से हटकर माना जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, “एलन मस्क ने मंगलवार को राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के साथ फोन कॉल में हिस्सा लिया, जो युद्ध जैसे संवेदनशील समय में दो राष्ट्राध्यक्षों के बीच बातचीत में किसी निजी नागरिक की असामान्य मौजूदगी है।” मस्क की मौजूदगी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उनके पास कोई आधिकारिक सरकारी पद नहीं है, जबकि बातचीत ऐसे समय में हुई जब मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है।
मिडिल ईस्ट संकट पर हुई चर्चा
रिपोर्ट के अनुसार, इस कॉल में मिडिल ईस्ट में बढ़ते संकट पर चर्चा हुई, खासकर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर चिंता जताई गई। यह एक अहम वैश्विक ऊर्जा मार्ग है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और गैस गुजरता है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मस्क को इस कॉल में क्यों शामिल किया गया या उन्होंने चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लिया या नहीं।
बैकचैनल प्रभाव या सिर्फ संयोग?
रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि मस्क की मौजूदगी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनके रिश्तों में सुधार का संकेत हो सकती है, क्योंकि पिछले साल दोनों के बीच मतभेद की खबरें आई थीं। मस्क के बिजनेस हित जैसे अंतरिक्ष, ऊर्जा और उभरते बाजार, ऐसे क्षेत्रों से जुड़े हैं, जो इस संकट से सीधे प्रभावित हो रहे हैं, जिनमें खाड़ी क्षेत्र और भारत शामिल हैं। इसके अलावा, मस्क भारत में अपने कारोबार का विस्तार करना चाहते हैं, जहां सैटेलाइट इंटरनेट जैसी सेवाओं के लिए अभी नियामकीय मंजूरी लंबित है।
हॉर्मुज को खुला रखना क्यों जरूरी?
नेताओं की बातचीत का मुख्य फोकस स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में स्थिरता बनाए रखना था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस जलडमरूमध्य को खुला, सुरक्षित और सभी के लिए सुलभ बनाए रखना पूरी दुनिया के लिए जरूरी है। इस मार्ग में बाधा आने से पहले ही वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेज उछाल देखा जा चुका है और एशिया के कई हिस्सों में सप्लाई की कमी का खतरा बढ़ गया है।
प्रोटोकॉल पर उठे सवाल
द न्यूयॉर्क टाइम्स ने यह भी कहा कि आमतौर पर राष्ट्राध्यक्षों के बीच होने वाली बातचीत में निजी नागरिकों को शामिल नहीं किया जाता, क्योंकि इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा होती है। इस कॉल के आधिकारिक विवरण में न तो व्हाइट हाउस और न ही भारतीय अधिकारियों ने मस्क की मौजूदगी का जिक्र किया। व्हाइट हाउस ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जबकि मस्क ने भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इस पूरे घटनाक्रम ने कूटनीतिक प्रोटोकॉल और पारदर्शिता को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
