OMG पुरुष की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में बच्चादानी! शख्स के पेट में थी दर्द की शिकायत, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सोनोग्राफी रिपोर्ट
punjabkesari.in Wednesday, Jan 21, 2026 - 11:07 AM (IST)
नेशनल डेस्क। मध्य प्रदेश के सतना जिले से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक डायग्नोस्टिक सेंटर ने लापरवाही की सारी हदें पार करते हुए एक 47 वर्षीय पुरुष की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में 'यूट्रस' (बच्चेदानी) होने की पुष्टि कर दी। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब पता चला कि जिस मरीज की यह रिपोर्ट है वे एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि हैं।
पुरुष की रिपोर्ट में उल्टा गर्भाशय
पूरा मामला सतना के स्टेशन रोड स्थित सतना डायग्नोस्टिक सेंटर का है। उचेहरा नगर पंचायत के अध्यक्ष निरंजन प्रजापति को पेट में दर्द की शिकायत थी जिसके बाद वे 13 जनवरी को यहां सोनोग्राफी कराने पहुंचे। रिपोर्ट जब हाथ में आई तो सब दंग रह गए। रिपोर्ट में न केवल पुरुष के पेट में गर्भाशय (यूट्रस) दिखाया गया बल्कि उसे उल्टा (Retroverted) भी बताया गया। जब इस गंभीर गलती के बारे में सेंटर के संचालक डॉ. अरविंद सराफ से संपर्क किया गया तो उन्होंने इस पर कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया।
पैथोलॉजी लैब में डिजिटल सिग्नेचर का खेल
इसी बीच सतना में ही एक और अस्पताल की लैब पर गंभीर आरोप लगे हैं। आयुष्मान हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर की पैथोलॉजी लैब के खिलाफ सीएमएचओ (CMHO) से शिकायत की गई है। आरोप है कि लैब में विशेषज्ञ पैथोलॉजिस्ट मौजूद नहीं रहते। डॉक्टर साक्षी चौरसिया के नाम की हस्ताक्षर वाली सील लगाकर धड़ल्ले से रिपोर्ट बांटी जा रही हैं। एक मरीज राघव तिवारी की 7 जनवरी की रिपोर्ट में भारी विसंगति मिली।
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शुरुआती पर्ची में हीमोग्लोबिन 16.8 था जिसे अंतिम रिपोर्ट में बिना किसी आधार के 10.8 कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि उनके पास लैब में डॉक्टर की अनुपस्थिति और सील के अवैध इस्तेमाल के वीडियो सबूत भी मौजूद हैं।
प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार
सतना के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज शुक्ला ने दोनों ही मामलों को गंभीरता से लिया है। सीएमएचओ ने बताया कि पुरुष की सोनोग्राफी रिपोर्ट में गर्भाशय दिखाना और लैब में गलत रिपोर्टिंग करना दोनों ही मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित डायग्नोस्टिक सेंटर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



