Silver Price Crash: चांदी के दामों में लगातार गिरावट, रिकॉर्ड से लगभग आधी हुई कीमतें, एक्सपर्ट्स ने बताया अभी और कम होंगे रेट
punjabkesari.in Friday, Feb 06, 2026 - 04:03 PM (IST)
नेशनल डेस्कः बीते एक हफ्ते के दौरान जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिली है। पिछले सात कारोबारी दिनों में चांदी की कीमतें अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से लगभग आधी तक टूट चुकी हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के आंकड़ों के मुताबिक, 29 जनवरी को चांदी ने 4,20,000 रुपये प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक स्तर छुआ था। यह अपने रिकॉर्ड हाई से करीब आधी रह गई है। MCX और IBJA दोनों प्लेटफॉर्म पर चांदी लगातार दबाव में नजर आ रही है।
हालांकि, इस रिकॉर्ड के तुरंत बाद बाजार का रुख बदल गया। 30 जनवरी से चांदी की कीमतों में तेज गिरावट शुरू हुई और लगातार तीन सत्रों तक कमजोरी दर्ज की गई। बीच में दो कारोबारी दिनों तक मामूली तेजी जरूर आई, लेकिन 5 फरवरी से एक बार फिर गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया, जो 6 फरवरी तक जारी रहा।
MCX पर चांदी में गिरावट
शुक्रवार, 6 फरवरी को दोपहर 2 बजे तक MCX पर चांदी सात दिन के कारोबारी सत्र के सबसे निचले स्तर 2,29,187 रुपये प्रति किलोग्राम तक फिसल गई। इस तरह, 29 जनवरी के उच्च स्तर की तुलना में चांदी करीब 1,90,000 रुपये सस्ती हो चुकी है। चांदी करीब 3 फीसदी या 7,315 रुपये की गिरावट के साथ 2,36,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। इस दौरान दिन का उच्च स्तर 2,43,277 रुपये रहा।
IBJA रेट्स में भी भारी कमजोरी
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा रेट्स भी चांदी की कमजोरी की पुष्टि कर रहे हैं। शुक्रवार दोपहर 12 बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक, चांदी का भाव 2,41,184 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। जबकि पिछले कारोबारी दिन यह 2,52,232 रुपये पर थी। यानी एक ही दिन में कीमत में 11,048 रुपये की बड़ी गिरावट आई। अगर 29 जनवरी की बात करें, जब IBJA रेट्स पर चांदी ने 3,79,988 रुपये प्रति किलोग्राम का ऑल-टाइम हाई बनाया था, तो अब तक इसमें लगभग 1,38,800 रुपये की गिरावट आ चुकी है।
25 फरवरी तक जारी रह सकती है गिरावट?
कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट और केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि चांदी में मौजूदा गिरावट अभी थमी नहीं है। उनके अनुसार, इसका सबसे बड़ा कारण चीन में शुरू होने वाला लूनर न्यू ईयर है, जो 17 फरवरी से लेकर करीब 25 फरवरी तक चलेगा। इस अवधि के दौरान चीन में बाजार और फैक्ट्रियां बड़े पैमाने पर बंद रहती हैं, जिससे कमोडिटी डिमांड में तेज कमी आती है। चूंकि चांदी की वैश्विक मांग पर इसका सीधा असर पड़ता है, ऐसे में कीमतों पर दबाव और बढ़ सकता है। उनका अनुमान है कि आने वाले दिनों में चांदी 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर से नीचे भी जा सकती है।
लगातार गिरती कीमतों के चलते चांदी निवेशकों, ज्वैलर्स और थोक बाजार से जुड़े कारोबारियों में सतर्कता बढ़ गई है। अगर यह गिरावट आगे भी जारी रहती है, तो इसका असर न केवल ट्रेडिंग गतिविधियों पर बल्कि ज्वेलरी की खरीदारी पर भी साफ तौर पर देखने को मिल सकता है।
