''डाक्टरों को बचानी होती है मरीज की जिंदगी, योग्यता की नहीं कर सकते अनदेखी'': NEET कट ऑफ में हस्तक्षेप से SC का इनकार

punjabkesari.in Tuesday, May 10, 2022 - 12:28 PM (IST)

नेशनल डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के सुपर-स्पैशियलिटी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ‘कट-ऑफ पर्सैंटाइल’ को कम करने से इंकार कर दिया और कहा कि डाक्टरों को मरीज के जीवन को बचाना होता है तथा योग्यता की अनदेखी नहीं की जा सकती। न्यायमूॢत डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूॢत सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि ‘पर्सैंटाइल’ को कम नहीं करने का फैसला लिया गया है जो अकादमिक नीति का मामला है और इसे गलत नहीं ठहराया जा सकता।

पीठ ने कहा, रिक्त सीटों पर काऊंंसलिंग के लिए उम्मीदवार पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं, लेकिन पर्सैंटाइल को कम नहीं करने का निर्णय योग्यता से समझौता नहीं करने पर आधारित है। ‘कट-ऑफ’ कम करने का अनुरोध करने वाले याचिकाकत्र्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील पी.एस. पटवालिया ने दलील दी कि शैक्षणिक वर्ष 2021-22 के लिए कुल सीटों में से 940 सीटें अभी भी खाली हैं। उन्होंने कहा कि अगर ‘कट ऑफ’ कम नहीं किया गया तो ये सीटें ऐसे समय बेकार चली जाएंगी जब देश को डाक्टरों की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि समय-समय पर ‘कट-ऑफ’ में कमी की जाती रही है और मंत्रालय ने इस साल अन्य पाठ्यक्रमों के लिए ‘कट-ऑफ’ कम किया है। केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि शैक्षणिक वर्ष 2019-20 के दौरान ‘कट-ऑफ पर्सैंटाइल’ को घटा दिया गया था ताकि कोविड के कारण खाली सीटों की संख्या को 809 से घटाकर 272 किया जा सके। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के लिए ‘पर्सैंटाइल’ को 50 से घटाकर 45 कर दिया गया था जिससे खाली सीटें घटकर 91 रह गईं जो पहले 900 से अधिक थीं।


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Content Editor

rajesh kumar

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