नए साल पर RBI का बड़ा तोहफा, Home Loan की EMI देने वाले जरूर पढ़ें ये खबर

punjabkesari.in Friday, Dec 08, 2023 - 12:13 PM (IST)

नेशनल डेस्क: नए साल पर  RBI ने लोगों को बड़ी राहत दी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने प्रमुख नीतिगत दर में यथास्थिति बनाए रखते हुए वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान 50 आधार अंक बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। अपनी अक्टूबर की बैठक में, RBI ने 2023-24 में 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान लगाया था। यह वृद्धिपूर्ण संशोधन भारत द्वारा जुलाई-सितंबर तिमाही में उम्मीद से अधिक वृद्धि दर्ज करने के बाद आया है।

यह वृद्धिपूर्ण संशोधन भारत द्वारा जुलाई-सितंबर तिमाही में उम्मीद से अधिक वृद्धि दर्ज करने के बाद आया है। चालू वित्त वर्ष 2023-24 की जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था 7.6 प्रतिशत की दर से बढ़ी और सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी रही। अप्रैल-जून तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही।


भारतीय रिजर्व बैंक की शुक्रवार को पेश मौद्रिक समीक्षा की मुख्य बातें इस प्रकार हैं : 

* आरबीआई ने रेपो दर को लगातार पांचवीं बार 6.5 प्रतिशत पर कायम रखा। 
*अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को भुगतान के लिए यूपीआई लेनदेन की सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का प्रस्ताव। 
* चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि का अनुमान 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर सात प्रतिशत किया गया। 
* दिसंबर, मार्च तिमाहियों में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत, छह प्रतिशत पर रहने का अनुमान। 
* 2023-24 के लिए औसत खुदरा मुद्रास्फीति अनुमान को 5.4 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया। 
* मुद्रास्फीति का अनुमान अनिश्चित खाद्य कीमतों से काफी प्रभावित। 
* सब्जियों की कीमतों में रुक-रुक कर होने वाले झटके एक बार फिर नवंबर और दिसंबर में कुल मुद्रास्फीति को बढ़ा सकते हैं। 
* रुपये में 2023 में अन्य उभरते बाजारों की मुद्राओं की तुलना में कम उतार-चढ़ाव। 
* एक दिसंबर को विदेशी मुद्रा भंडार 604 अरब डॉलर था। 
* केंद्रीय बैंक सतर्क और परिस्थितियों के अनुरूप कदम उठाने को तैयार। 
* भारत कई अन्य देशों की तुलना में अनिश्चितताओं का सामना करने के लिए बेहतर स्थिति में। 
* प्रस्तावित आवर्ती भुगतान के लिए कुछ श्रेणियों में स्वत: पैसा कटने की सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये करने का प्रस्ताव। 
* आरबीआई डेटा सुरक्षा, निजता को वित्तीय क्षेत्र के लिए क्लाउड सुविधा स्थापित करेगा। 
* अगली मौद्रिक नीति समिति बैठक 6-8 फरवरी, 2024 को होगी।  


 


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Content Writer

Anu Malhotra

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