Ration Cards Freezing: 50,000 प्रायोरिटी और 5 लाख नीले-सफेद राशन कार्ड फ्रीज़ होने के खतरे में...
punjabkesari.in Thursday, Oct 01, 2026 - 08:54 AM (IST)
तिरुवनंतपुरम: केरल के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री अनूप जैकब ने कहा है कि राज्य सरकार राशन कार्डों को फ्रीज़ होने से बचाने के लिए कदम उठाएगी। लगभग 50,000 प्रायोरिटी कार्ड को लेकर चिंताएं हैं, जबकि करीब पांच लाख नीले और सफेद कार्ड फ्रीज़ किए जाने की श्रेणी में आ सकते हैं। मंत्री ने कहा कि केंद्र ने राशन कार्ड फ्रीज़ करने के बारे में केरल को औपचारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी है, और राज्य उन लाभार्थियों के कार्ड को फिर से चालू करने के लिए कदम उठा रहा है जिन्होंने छह महीने से राशन नहीं खरीदा है।
जैकब ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी पात्र व्यक्ति का राशन कार्ड न छूटे और पात्र परिवारों का हक सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि खाद्य विभाग उन लाभार्थियों की जानकारी इकट्ठा कर रहा था जिन्होंने राशन की दुकानों से राशन नहीं खरीदा था और उनकी पहचान करने और उन्हें इस मुद्दे के बारे में सूचित करने के लिए कदम उठा रहा था। मंत्री ने कहा कि राशन की दुकानों के माध्यम से शुरू किए गए अभियान के बाद, कई लाभार्थी जो राशन नहीं खरीद रहे थे, अपना कोटा लेने के लिए दुकानों पर आने लगे थे।
उन्होंने कहा कि अगर राशन खरीदा जाता है तो राशन कार्ड फ्रीज़ होने की कोई चिंता नहीं होगी, जबकि ई-केवाईसी (e-KYC) फॉर्म जमा करके भी कार्ड को फिर से चालू किया जा सकता है। जैकब ने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि स्थिति उस चरण तक नहीं पहुंचेगी जहां राशन कार्ड फ्रीज़ करने पड़ें। उन्होंने कहा कि राशन कार्ड बुनियादी दस्तावेज हैं और सरकार की नीति है कि किसी को भी इनसे वंचित नहीं किया जाना चाहिए, साथ ही हर पात्र परिवार को अपना हक मिलना चाहिए। लाभार्थियों द्वारा राशन न खरीदने के कई कारण थे, जिनमें पलायन, मृत्यु और आय में वृद्धि शामिल है। राज्य को उम्मीद थी कि खाली हुए कार्डों के बदले प्रायोरिटी कार्ड आवंटित किए जा सकते हैं, जिससे पात्र गैर-प्रायोरिटी परिवारों को प्रायोरिटी श्रेणी में स्थानांतरित किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि इससे राशन कार्डों की मौजूदा संख्या बनाए रखने में मदद मिलेगी। लगभग पांच लाख नीले और सफेद राशन कार्ड फ्रीज़ किए जाने की श्रेणी में आ सकते हैं। राज्य इन कार्डधारकों को अपने 'टाइड ओवर' आवंटन से अनाज की आपूर्ति करता है। जैकब ने कहा कि चूंकि केंद्र अभी इन्हें हटाने पर विचार नहीं कर रहा है, इसलिए इन कार्डों को लेकर कोई तत्काल चिंता नहीं है।
न्होंने कहा कि केरल को केंद्र द्वारा लागू की जा रही स्मार्ट PDS योजना से कोई आपत्ति नहीं है और राज्य पहले ही इस समझौते पर हस्ताक्षर कर चुका है। इसलिए, राज्य न तो इस योजना से हट सकता है और न ही ऐसा करने की कोई आवश्यकता है। हालांकि, जैकब ने कहा कि केरल ने हाल ही में केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ हुई एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में यह बात रखी थी कि पात्र राशन कार्डों को प्राथमिकता श्रेणी में स्थानांतरित करने का राज्य का अधिकार और शक्ति बनी रहनी चाहिए।
