Ramesh Awasthi Son Wedding : इस शादी का सबसे बड़ा ''VIP'' था आम आदमी, आम लोगों की हुई दावत
punjabkesari.in Thursday, Jan 08, 2026 - 11:56 PM (IST)
कानपुरः सियासत में अक्सर वीआईपी संस्कृति की बात होती है, लेकिन सांसद Ramesh Awasthi के बेटे सचिन अवस्थी और पुत्रवधू नूपुर अवस्थी के विवाह उपरांत आयोजित आशीर्वाद समारोह ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया। इस आयोजन में सबसे बड़ा ‘VIP’ कोई मंत्री, सांसद या अधिकारी नहीं, बल्कि आम जनता थी। ज्यादा लोगों की मौजूदगी ने इस शादी को उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े जन-सहभागिता वाले पारिवारिक आयोजनों में शामिल कर दिया।

जाति नहीं, जनमानस रहा केंद्र में
ब्राह्मण कुल में जन्म लेने के बावजूद रमेश अवस्थी लंबे समय से जातीय सीमाओं से ऊपर उठकर सर्वसमाज की राजनीति के लिए पहचाने जाते रहे हैं। गंगा वैली, कानपुर में हुआ यह आशीर्वाद समारोह उसी सोच का जीवंत उदाहरण बना। यहां किसी वर्ग विशेष के लिए अलग मंच या व्यवस्था नहीं दिखी—व्यापारी, किसान, युवा, महिलाएं, श्रमिक, बुद्धिजीवी और विभिन्न समुदायों के लोग एक साथ बैठे, एक साथ भोजन किया और नवदंपति को आशीर्वाद दिया।
ग्रीन वैली बना ‘जन-समागम’
यह आयोजन केवल पारिवारिक रस्म तक सीमित नहीं रहा। गंगा वैली एक ऐसे जन-समागम में बदल गई, जहां सांसद और समर्थक के बीच दूरी नहीं दिखी। लोग रमेश अवस्थी से सीधे संवाद करते नजर आए। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यही सुलभता और संवाद उनकी सबसे बड़ी ताकत है—जो उन्हें सिर्फ सांसद नहीं, बल्कि जननेता बनाती है।
अशोका होटल से गंगा वैली तक—दो तस्वीरें, एक संदेश
इससे पहले दिल्ली के प्रतिष्ठित अशोका होटल में आयोजित कार्यक्रम में देशभर के केंद्रीय मंत्री, सांसद-विधायक और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे। वहीं, कानपुर का आशीर्वाद समारोह बिल्कुल अलग तस्वीर लेकर आया—यहां चमक-दमक नहीं, बल्कि जनविश्वास केंद्र में रहा। विश्लेषकों का मानना है कि इन दोनों आयोजनों ने मिलकर यह स्पष्ट कर दिया कि रमेश अवस्थी की पकड़ सत्ता के गलियारों से लेकर जमीन तक समान रूप से मजबूत है।
जब सत्ता और संगठन भी जनता के बीच दिखे
कानपुर के इस आयोजन में प्रदेश नेतृत्व की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और खास बना दिया। उपमुख्यमंत्री Brijesh Pathak और Keshav Prasad Maurya के साथ जल शक्ति मंत्री Swatantra Dev Singh, परिवहन मंत्री Daya Shankar Singh, मंत्री Dharmpal Singh और Rakesh Sachan भी मौजूद रहे।
लेकिन दिलचस्प बात यह रही कि मंच पर मौजूद दिग्गजों से ज्यादा चर्चा जनता की भारी भागीदारी की हुई।
ज्यादा लोगों की दावत—संदेश साफ
बड़ी संख्या में लोगों को आमंत्रित करना और उन्हें सम्मान देना, आज की राजनीति में एक मजबूत संदेश देता है—सत्ता का असली आधार जनता है। लोगों का कहना था कि यह समारोह किसी नेता की ताकत दिखाने के लिए नहीं, बल्कि जनता के साथ रिश्ते को निभाने के लिए था।
