रेलवे में अग्निवीरों के लिए आरक्षण का बड़ा ऐलान, रिटायरमेंट के बाद खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते
punjabkesari.in Friday, Feb 27, 2026 - 05:24 PM (IST)
नेशनल डेस्क: देश के युवा सैनिकों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। Indian Railways ने भारतीय सेना के साथ मिलकर एक विशेष “सहयोग ढांचा” तैयार किया है, जिसके तहत अग्निवीर योजना के तहत सेवा पूरी करने वाले जवानों को रेलवे में नौकरी में प्राथमिकता और आरक्षण दिया जाएगा। पहला अग्निवीर बैच इसी वर्ष चार साल का कार्यकाल पूरा कर रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए रेल मंत्रालय ने भर्ती नियमों में स्पष्ट प्रावधान तय कर दिए हैं।
रेलवे में कितना मिलेगा आरक्षण?
रेल मंत्रालय के अनुसार, पूर्व अग्निवीरों और भूतपूर्व सैनिकों के लिए अलग-अलग स्तर पर कोटा निर्धारित किया गया है:
लेवल-1 पद (ग्रुप-डी के समकक्ष)
- भूतपूर्व सैनिक: 20% आरक्षण
- पूर्व अग्निवीर: 10% आरक्षण
लेवल-2 और उससे ऊपर
- भूतपूर्व सैनिक: 10% आरक्षण
- पूर्व अग्निवीर: 5% आरक्षण
रेलवे की भर्तियां Railway Recruitment Board (RRB) और Railway Recruitment Cell (RRC) के माध्यम से की जाती हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में रेलवे ने कुल 14,788 पद भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित रखे थे। इनमें 6,485 पद लेवल-1 और 8,303 पद लेवल-2 व उच्च श्रेणी के शामिल थे।
5000 से ज्यादा पदों पर तुरंत भर्ती
नियमित चयन प्रक्रिया पूरी होने तक रेलवे संविदा आधार पर भी पूर्व सैनिकों को अवसर देगी। देशभर में लेवल-1 श्रेणी के 5,000 से अधिक पदों पर पॉइंट्समैन की भर्ती प्रक्रिया जारी है। अब तक 9 रेल मंडलों ने सेना से जुड़े संगठनों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर लिए हैं, ताकि चयन प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
अन्य विभागों में भी राहत
रेलवे के अलावा अन्य सुरक्षा बलों में भी पूर्व अग्निवीरों को विशेष लाभ मिल रहा है:
- Delhi Police में 20% आरक्षण
- फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) में छूट
- आयु सीमा में 3 वर्ष की रियायत
इसके अलावा Central Armed Police Forces (CAPFs) के ग्रुप-सी पदों पर आरक्षण दिसंबर 2025 से 10% से बढ़ाकर 50% किया गया है। शारीरिक दक्षता परीक्षा (PST/PET) और आयु सीमा में भी विशेष छूट का प्रावधान है।
क्या है इस पहल का उद्देश्य?
सरकार का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि अग्निवीर योजना के तहत सेवा पूरी करने वाले जवानों को सेवानिवृत्ति के बाद स्थिर और सम्मानजनक रोजगार मिल सके। रेलवे और सेना के बीच यह तालमेल युवाओं को भविष्य के लिए भरोसा और सुरक्षा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
