ISRO की देखरेख में बने क्वालकॉम चिपसेट, बेहतर होगी 4G कनेक्टिविटी

2020-01-27T08:50:07.68

बिजनेस डेस्कः क्वालकॉम ने भारत में अपने तीन नए चिपसेट लॉन्च किए। यह चिपसैट स्नैपड्रैगन 720G, स्नैपड्रैगन 662, स्नैपड्रैगन 460 हैं। चिपसेट बनाने वाली कंपनी क्वालकॉम का दावा है कि इससे भारत में 4G कनेक्टिविटी पहले से बेहतर होगी। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक दुरुस्त हो सकेगी। इससे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर गेमिंग और कैमरे की परफॉर्मेंस बेहतर हो सकेगी। हालांकि ये चिपसेट 5G कनेक्टिविटी को सपोर्ट नहीं करेगी।
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क्वालकॉम इंडिया के अध्यक्ष राजन वगाडिया और क्वालकॉम टेक्नोलॉजीज के उपाध्यक्ष (उत्पाद प्रबंधन) केदार कोंडप ने तीनों उत्पाद लांच किए। उन्होंने बताया कि नए चिपसेट प्लेटफॉर्मों पर 4जी कनेक्शन की स्पीड अधिक होगी। इनमें वाईफाई-6 फीचर और ब्लूटूथ 5.1 भी उपलब्ध है।
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स्नैपड्रैगन 720G चिपसेट भारत के प्रीमियम स्मार्टफोन में पेश किया जा सकता है, जिनकी कीमत 30 हजार से ज्यादा है। दूसरी तरफ कम प्राइस सेगमेंट वाले स्मार्टफोन स्नैपड्रैगन 662 और स्नैपड्रैगन 460 इस्तेमाल किया जा सकता है। भारतीय टेलीकॉम मिनिस्टर रवि शंकर प्रसाद ने इस साल के अंत तक 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी कर सकता है। ऐसे में भारत में 5G कनेक्टिविटी साल 2022 तक आ सकती है।
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नाविक क्या है?
नाविक (NavIC) सात सैटेलाइट वाला एक रीजनल नेविगेशन सिस्टम है, जिसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान (ISRO) ने विकसित किया है। यह भारत और इसके आसपास 1,500 किलोमीटर के दायरे में स्थित देशों में पोजिशनिंग सर्विस मुहैया कराएगा।
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आसान भाषा में इसका मतलब यह है कि अब गूगल मैप्स, ओला, उबर जैसी ऐप्स अमेरिकी GPS के साथ-साथ भारत के नाविक से भी सिग्नल ले सकेंगी। अगर भारत की बात की जाए तो यहां नाविक GPS से ज्यादा सटीकता के साथ काम करेगा।
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अमेरिका के GPS की तरह रूस के पास GLONASS, यूरोपीय यूनियन के पास गेलिलियो और चीन के पास BeiDou नेविगेशन सिस्टम है। अब भारत भी नाविक के साथ इस सूची में शामिल हो गया है। बाकी देशों के मुकाबले कम सैटेलाइट होने के कारण भारत का नेविगेशन सिस्टम काफी सस्ता है। GPS में 33 सैटेलाइट, GLOSNASS में 26 और BeiDou में 35 सैटेलाइट सिस्टम है। इन सबके मुकाबले नाविक में महज सात सैटेलाइट हैं।


Yaspal

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