शुभांशु शुक्ला ने स्पेस स्टेशन पर कदम रखते ही रचा इतिहास, पहले भारतीय बन की यह उपलब्धि हासिल
punjabkesari.in Thursday, Jun 26, 2025 - 07:37 PM (IST)

National Desk : भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला समेत चारों अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में प्रवेश कर चुके हैं। शुभांशु शुक्ला ने कहा कि मेरी यह यात्रा पूरे देशवासियों की यात्रा है। इस मिशन का नेतृत्व भारत के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला कर रहे हैं। वे स्पेस सेंटर में कुल 14 दिन बिताएंगे। ISS पर पहले से मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों ने चारों नए सदस्यों का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें स्वागत स्वरूप वेलकम ड्रिंक भी दी गई।
ड्रैगन यान की डॉकिंग पूरी
एक्सिओम-4 (Ax-4) मिशन के तहत भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का ड्रैगन कैप्सूल नियत समय से 20 मिनट पहले ही अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ गया। इसके बाद एयर लीक और दबाव की स्थिरता की सावधानीपूर्वक जांच की गई। इस दौरान शुभांशु शुक्ला की मां ने डॉकिंग का लाइव प्रसारण देखा और भावुक हो गईं।
शुभांशु शुक्ला के पिता का रिएक्शन
शुभांशु शुक्ला के पिता, शंभू दयाल शुक्ला ने कहा, "हमें बहुत खुशी हो रही है। डॉकिंग सफल रही, इसके लिए हम ईश्वर का धन्यवाद करते हैं। यह देखकर हम बहुत गर्व महसूस कर रहे हैं। हमें अपने बेटे पर बहुत गर्व है।" उनकी बहन शुचि मिश्रा ने भी कहा, "यह न केवल मेरे लिए, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का पल है। यह एक बेहद महत्वपूर्ण चरण है। मैं प्रार्थना करती हूं कि यह चरण जल्द ही सफलतापूर्वक पूरा हो और वे सुरक्षित लौटें।"
अंतरिक्ष यान लगभग 28.5 घंटे की यात्रा के बाद गुरुवार, 26 जून 2025 को भारतीय समयानुसार शाम करीब 4:05 बजे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से सफलतापूर्वक जुड़ गया। एक्सिओम-4 मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर स्पेसएक्स का फाल्कन-9 रॉकेट 25 जून को दोपहर 12:01 बजे फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से आईएसएस के लिए उड़ान भर चुका था।
उम्मीद के साथ देख रही पूरी दुनिया- केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुभकामनाएं देते हुए कहा, "हार्दिक बधाई हो! एक्सिओम-4 की डॉकिंग सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। शुभांशु अब अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में कदम रखने के लिए तैयार हैं। उनकी 14 दिन की अंतरिक्ष यात्रा अब शुरू होने वाली है, जिसे पूरा विश्व उत्साह और उम्मीद के साथ देख रहा है।" उड़ान भरने के कुछ ही घंटे बाद शुभांशु ने अंतरिक्ष से अपना पहला संदेश भी साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा, "वाह, यह सफर वाकई अद्भुत रहा। सच कहूं तो जब मैं कल लॉन्चपैड पर कैप्सूल ग्रेस में बैठा था, तब मेरे दिमाग में सिर्फ एक ही बात थी – चलो, अब यात्रा शुरू करते हैं।"
"Youngsters are interested (in space). In the last 1-2 years, there has been a great interest in aerospace studies at engineering colleges and Universities. Summer training for engineering courses takes place at #ISRO. Thousands of applications come in. This is a result of our… pic.twitter.com/CZNeDfG1N3
— Dr Jitendra Singh (@DrJitendraSingh) June 26, 2025