Post Office TD Scheme: 7 लाख पर मिलेगा ₹3.14 लाख का पक्का ब्याज, पोस्ट ऑफिस की यह स्कीम दे रही दमदार रिटर्न

punjabkesari.in Saturday, Jan 10, 2026 - 09:39 AM (IST)

नेशनल डेस्क: अगर आप शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहकर गारंटीड रिटर्न चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉज़िट स्कीम आपके लिए भरोसेमंद विकल्प बन सकती है। यह योजना ठीक बैंक एफडी की तरह काम करती है, लेकिन इसमें सरकारी सुरक्षा के साथ स्थिर ब्याज का फायदा मिलता है। भारतीय डाक द्वारा संचालित यह स्कीम वित्त मंत्रालय के समर्थन के कारण पूरी तरह सुरक्षित मानी जाती है।

इस योजना में निवेशक एकमुश्त रकम तय अवधि के लिए जमा करते हैं और निश्चित ब्याज के साथ मैच्योरिटी पर फंड प्राप्त करते हैं। मौजूदा समय में पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉज़िट पर 6.90% से 7.50% तक ब्याज दिया जा रहा है, जो अवधि के अनुसार तय होता है।

कितनी अवधि के लिए कर सकते हैं निवेश

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉज़िट स्कीम में निवेश के लिए 1 साल, 2 साल, 3 साल और 5 साल के विकल्प उपलब्ध हैं। खासतौर पर 5 साल की अवधि वाली स्कीम उन निवेशकों के बीच ज्यादा लोकप्रिय है, जो लंबी अवधि में सुरक्षित और बेहतर रिटर्न चाहते हैं।

योजना की प्रमुख खूबियां

  • निवेश पर गारंटीड और जोखिम-मुक्त रिटर्न

  • केंद्र सरकार द्वारा समर्थित स्कीम

  • बैंक एफडी जैसा सरल निवेश विकल्प

  • न्यूनतम निवेश सिर्फ ₹1,000

  • अतिरिक्त निवेश ₹1,000 के गुणक में

  • निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं

  • 6 महीने बाद समय से पहले निकासी की सुविधा

  • एक या एक से अधिक नॉमिनी जोड़ने का विकल्प

यह स्कीम उन लोगों के लिए खास है जो मध्यम से लंबी अवधि में पैसा सुरक्षित रखना चाहते हैं और साथ ही स्थिर आय भी चाहते हैं।

₹7 लाख निवेश पर कितना मिलेगा रिटर्न?

अगर कोई निवेशक पोस्ट ऑफिस की 5 साल वाली टाइम डिपॉज़िट स्कीम में 7.5% ब्याज दर पर ₹7,00,000 एकमुश्त जमा करता है, तो 60 महीने बाद उसे केवल ब्याज के रूप में करीब ₹3,14,964 मिलते हैं। इस तरह मैच्योरिटी पर कुल राशि लगभग ₹10,14,964 हो जाती है। यानी बिना बाजार जोखिम के निवेशक को पक्का और सुनिश्चित लाभ मिलता है।

टैक्स बचत का भी फायदा

पोस्ट ऑफिस की 5 साल वाली टाइम डिपॉज़िट स्कीम में निवेश करने पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ मिलता है। इसके तहत हर साल अधिकतम ₹1.5 लाख तक की कटौती ली जा सकती है। हालांकि, इस स्कीम से मिलने वाले ब्याज पर टैक्स देना होता है और अगर ब्याज तय सीमा से ज्यादा होता है तो TDS भी लागू होता है।

कैसे जुड़ता है ब्याज?

इस योजना में ब्याज की गणना तिमाही आधार पर कंपाउंडिंग के साथ होती है, जबकि ब्याज का भुगतान सालाना किया जाता है। यह तरीका उन निवेशकों के लिए फायदेमंद है, जो लंबे समय में कंपाउंडिंग का लाभ उठाना चाहते हैं और हर साल नियमित आय भी चाहते हैं।

किसके लिए है यह स्कीम?

जो निवेशक जोखिम से बचना चाहते हैं, सुरक्षित रिटर्न को प्राथमिकता देते हैं और लंबी अवधि में पैसा बढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉज़िट स्कीम एक मजबूत और भरोसेमंद विकल्प साबित हो सकती है।


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Content Editor

Anu Malhotra

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