Lakhpati Beti Yojana: दिल्ली की बेटियों के लिए नई स्कीम, जानें लाडली योजना के बाद अब लखपति बिटिया स्कीम के फायदे
punjabkesari.in Monday, Mar 02, 2026 - 05:22 PM (IST)
नेशनल डेस्क: दिल्ली सरकार ने अपनी पुरानी ‘लाडली योजना’ को नए और विस्तारित रूप में पेश किया है। अब इसे ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ नाम दिया गया है। इस योजना का उद्देश्य बेटियों की पढ़ाई को आर्थिक दिक्कतों से मुक्त रखना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करना है।
इस योजना की औपचारिक शुरुआत ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ कार्यक्रम के दौरान इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में की जाएगी। कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिति रहेगी। सरकार के अनुसार, योजना के तहत 40 हजार से अधिक बेटियों के खातों में करीब 100 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी।
क्या है दिल्ली लखपति बिटिया योजना?
यह योजना बेटी के जन्म से लेकर उसकी उच्च शिक्षा तक आर्थिक सहायता देने के लिए बनाई गई है। सरकार अलग-अलग चरणों में कुल 56 हजार रुपये बेटी के नाम पर जमा करती है। यह राशि आधार से लिंक बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और डिजिटल रहती है। जब बच्ची 21 वर्ष की आयु पूरी करती है, तब तक ब्याज सहित यह राशि 1 लाख रुपये से अधिक हो जाती है। इसका उद्देश्य यह है कि बेटियों को आगे की पढ़ाई या किसी अन्य जरूरत के लिए आर्थिक आधार मिल सके।
पुरानी लाडली योजना से क्या है फर्क?
पहले चल रही ‘लाडली योजना’ में बच्ची के जन्म पर लगभग 10 से 11 हजार रुपये जमा किए जाते थे। इसके बाद कक्षा 1, 6 और 9 में प्रवेश, 10वीं पास करने और 12वीं में दाखिला लेने पर 5-5 हजार रुपये की किस्त दी जाती थी। उस योजना में कुल राशि 18 वर्ष की आयु में निकाली जा सकती थी। नई योजना में कुल जमा राशि बढ़ाकर 56 हजार रुपये कर दी गई है और मैच्योरिटी की उम्र 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष कर दी गई है। इससे बेटियों को उच्च शिक्षा के समय अधिक आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
सरकार ने यह भी बताया है कि पहले करीब 1.75 लाख बेटियां योजना के लाभ से वंचित रह गई थीं। अब विशेष अभियान चलाकर उन्हें भी योजना के दायरे में शामिल किया गया है।
उद्देश्य और प्रभाव
दिल्ली लखपति बिटिया योजना का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कारणों से किसी भी बेटी की पढ़ाई बीच में न रुके। सरकार का मानना है कि यह योजना न केवल शिक्षा को बढ़ावा देगी, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को भी मजबूत करेगी।
