Video: कनाडा के पंजाबी कारोबारी ने सुनाया दुखड़ा, भावुक होकर कहा- ट्रूडो ने देश को बना दिया "Third Class"
punjabkesari.in Tuesday, Jul 23, 2024 - 02:28 PM (IST)

Toronto: कनाडा में हाल ही में एक इंडो-कैनेडियन व्यवसायियों से जबरन वसूली के मामले बढ़ते जा रहे हैं। संगठित अपराध समूहों द्वारा साउथ एशियन व्यापारियों को निशाना बनाकर धमकाने और "प्रोटेक्शन मनी" की मांग की जा रही है। धमकी न मानने वालों को गोलीबारी या आगजनी जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ता है। कनाडा में जबरन वसूली के शिकार परमिंदर सिंह संघेरा का एक वीडियो सामने आया है जिसमें कनाडा के बिगड़ते भयावह हालात को बयान कर रहे हैं। संघेरा ने प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो पर निशाना साधते हुए कहा कि यहां के राजनेताओं ने कनाडा को "एक तृतीय श्रेणी का देश" (Third Class country) बना दिया है। उनका दावा है कि सभी राजनेता इस मुद्दे पर केवल दिखावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "मेरा परिवार भयभीत है और वे मुझे एक मिनट के लिए भी अकेला नहीं छोड़ रहा है।"
Politicians made CANADA "A 3rd CLASS COUNTRY"
— Sameer Kaushal 🇨🇦❤🇮🇳 (@itssamonline) July 21, 2024
Listen to Mr. Parminder Singh Sanghera, a victim of extortion calls. He claims all politicians are merely paying lip service to the issue. "My family is terrified and they are not leaving me alone, not even for a minute," he said.… pic.twitter.com/TfTVYndGvS
संघेरा ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत से पंजाब पुलिस (Punjab Police) ने कनाडा में चल रहे जबरन वसूली के मामले को सुलझाने में सहायता की पेशकश की है। हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें 24 घंटे के भीतर स्थानीय कनाडाई पुलिस से कोई जवाब नहीं मिला है। कनाडा में अक्टूबर 2023 से अब तक 14 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, और विभिन्न शहरों में पुलिस इन घटनाओं की जांच कर रही है। ट्रिक ब्राउन और सरे की मेयर ब्रेंडा लॉक ने सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री डोमिनिक लेब्लांक से इस मुद्दे पर ध्यान देने का आग्रह किया है ।आरसीएमपी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक राष्ट्रीय टीम गठित की है, जो इन धमकियों की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि ये घटनाएँ जियोपॉलिटिकल तनाव और अंतर्राष्ट्रीय कनेक्शनों से जुड़ी हो सकती हैं ।
इस तरह के मामलों में पुलिस का सुझाव है कि मांग को पूरा नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे समस्या और बढ़ सकती है। पीड़ितों को आगे आकर पुलिस को जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। परमिंदर सिंह संघेरा एक भारतीय-कैनेडियन व्यवसायी हैं, जो हाल ही में कनाडा में बढ़ती जबरन वसूली के शिकार हुए हैं। संगठित अपराध समूहों द्वारा दक्षिण एशियाई व्यवसायियों को धमकाने और उनसे "प्रोटेक्शन मनी" की मांग करने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इन धमकियों का सामना करने वाले लोगों को गोलीबारी या आगजनी जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ता है। धमकियों की शुरुआत: अक्टूबर 2023 से कनाडा में दक्षिण एशियाई व्यवसायियों को धमकियों के कई मामले सामने आए हैं। धमकाने वाले लोग फोन कॉल, शारीरिक पत्र और सोशल मीडिया ऐप्स के माध्यम से "प्रोटेक्शन मनी" की मांग करते हैं ।
परमिंदर सिंह संघेरा को भी ऐसे ही एक मामले का सामना करना पड़ा, जहां उनसे जबरन पैसा मांगने की धमकी दी गई। जब उन्होंने इन धमकियों को नजरअंदाज किया, तो उन्हें हिंसा और आगजनी का सामना करना पड़ा। इन घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए, रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) ने एक राष्ट्रीय टीम का गठन किया है, जो इन धमकियों की जांच कर रही है। उनका मानना है कि ये घटनाएँ संगठित अपराध समूहों से जुड़ी हो सकती हैं। ब्रैम्पटन के मेयर पैट्रिक ब्राउन और सरे की मेयर ब्रेंडा लॉक ने सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री डोमिनिक लेब्लांक से इस मुद्दे पर ध्यान देने का आग्रह किया है, जिससे इन घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई की जा सके ।