पाकिस्तान का खतरनाक खेल बेनकाब! आर्मी चीफ मुनीर के खिलाफ पुख्ता सबूत आया सामने, रॉ एजेंट के वीडियो ने मचाया बवाल
punjabkesari.in Thursday, Mar 26, 2026 - 03:49 PM (IST)
Islamabad: पाकिस्तान लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खुद को आतंकवाद के खिलाफ लड़ने वाला देश बताता रहा है, लेकिन उसका इतिहास बार-बार इन दावों को चुनौती देता रहा है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक तस्वीर ने एक बार फिर पाकिस्तान के आतंकी कनेक्शन पर बवाल मचा दिया है। पूर्व रॉ एजेंट लक्की बिष्ट ने X (Twitter) पर एक पोस्ट सांझा की है जिसमें दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir आंतकवादी Hafiz Saeed के दाहिने हाथ Musa Touseef Rehmaan उर्फ Musa Gujjer की शादी में मौजूद हैं। इस शादी में वह डेढ़ घंटे तक रहे । इस दावे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। लक्की बिष्ट का कहना है कि इस तस्वीर ने आंतकियों और पाक आर्मी के कनैक्शन की पोल खोल दी है।
पाकिस्तान की आर्मी का झूठ दुनिया के सामने आया कि वो आतंकवाद को सपोर्ट नहीं करती, लेकिन ये तस्वीर दुनिया का सबसे बड़ा सबूत है पाकिस्तान के फील्ड मार्शल Asim Munir, Hafiz Saeed के दाहिने हाथ Musa Touseef Rehmaan उर्फ Musa Gujjer की शादी में मौजूद हैं। अब इस तस्वीर के बारे में… pic.twitter.com/xHYhdXUMPn
— Lucky Bisht (@iamluckybisht) March 26, 2026
इस तस्वीर से एक बार फिर साबित हो गया है कि किस तरह पाकिस्तान की सेना आंतकवादियों के साथ मिलकर दुनिया में खासकर भारत में आंतकवाद फैला रही है। उन्होंने ये भी दावा किया कि अगर मुनीर की यह तस्वीर झूठी निकली तो वह पाकिस्तान के मुद्दे पर हमेशा के लिए बात करना बंद कर देंगे। उन्होंने बताया कि लाहौर में एक इलैक्ट्रिक शॉप के बेसमेंट में आंतकवाद का खतरनाक अड्डा चल रहा है। अगर अफगानिस्तान इस अड्डे को निशाना बनाता है तो कई मासूम लोग बेमौत मारे जाएंगे लेकिन पाक सरकार या सेना को इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
बता दें कि पाकिस्तान का नाम पहले भी कई बड़े आतंकी मामलों में सामने आ चुका है। India लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि Pakistan आतंकवादी संगठनों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष समर्थन देता है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा बना रहता है।भारत का कहना है कि पाकिस्तान का रवैया हमेशा “दोहरा” रहा है। एक तरफ वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की बात करता है, वहीं दूसरी ओर कई बार ऐसे आरोप सामने आते हैं जो उसके दावों को कमजोर करते हैं। दुनिया के सबसे बड़े आतंकी Osama bin Laden को 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में अमेरिकी ऑपरेशन के दौरान मार गिराया गया था। यह घटना पाकिस्तान की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

Hafiz Saeed, जो मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता है, लंबे समय तक पाकिस्तान में खुला घूमता रहा।Financial Action Task Force (FATF) ने भी पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखा , क्योंकि उस पर आतंकियों को फंडिंग रोकने में नाकामी के आरोप लगे थे। भारत की चिंता सिर्फ आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि पिछले कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ी हैं। 2008 के मुंबई हमले का मास्टरमाइंड Hafiz Saeed को माना जाता है। 2016 उरी हमला दुनिया कभी नहीं भूलेगी जिसमें भारतीय सेना के कैंप पर हमला किया गया। 2019 में पुलवामा हमला जो CRPF काफिले पर बड़ा आतंकी हमला था और 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के पास बैसरन घाटी पर आतंकवादी हमला हुआ जिसमें 26 पर्यटकों की जान गई और क़रीबन 17 से अधिक लोग घायल हो गए थे, शामिल हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि मौजूदा हालात में सूचना युद्ध भी उतना ही मजबूत हथियार बन चुका है जितना सैन्य ताकत। ॉभारत ने बार-बार पाकिस्तान के आंतकी कनैक्शन की पोल दुनिया के सामने खोली है और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। भारत ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते। सीमा पार से होने वाली गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। भारत का मानना है कि अगर पाकिस्तान अपने रवैये में बदलाव नहीं करता, तो दक्षिण एशिया की स्थिरता खतरे में पड़ सकती है और वैश्विक आतंकवाद को बढ़ावा मिल सकता है।
