RAW एजेंट के खुलासों से कांपा पाकिस्तान, खौफ में लकी बिष्ट का सोशल मीडिया अकाउंट किए ब्लॉक

punjabkesari.in Tuesday, May 19, 2026 - 01:15 PM (IST)

International Desk: भारत के पूर्व RAW एजेंट और सुरक्षा अधिकारी लक्ष्मण सिंह बिष्ट उर्फ “लकी बिष्ट” एक बार फिर सुर्खियों में हैं। पाकिस्तान सरकार ने उनके सोशल मीडिया अकाउंट को पूरे देश में ब्लॉक कर दिया है। पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण (PTA) ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए 12 मई से उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर पाकिस्तान में रोक लगा दी। अब पाकिस्तान के भीतर कोई भी व्यक्ति उनका अकाउंट नहीं देख सकता। माना जा रहा है कि लकी बिष्ट लगातार अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पाकिस्तान की खुफिया गतिविधियों, सैन्य रणनीतियों और कथित “काली करतूतों” को लेकर पोस्ट कर रहे थे, जिससे इस्लामाबाद में बेचैनी बढ़ गई।

 

पाकिस्तान सरकार PTA (Pakistan Telecommunication Authority) ने इंस्टाग्राम से अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर मेरे अकाउंट को 12 मई से पूरे पाकिस्तान के अंदर बंद कर दिया है। अब पूरे पाकिस्तान में मेरे अकाउंट को कोई नहीं देख सकता।
लेकिन मैं पाकिस्तान की सरकार और असीम मुनीर से… pic.twitter.com/d5Q0aFVmIA

— Lucky Bisht (@iamluckybisht) May 18, 2026

लकी बिष्ट ने पाकिस्तान के इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाकिस्तान सरकार और सेना सिर्फ एक अकाउंट बंद कर सकती है, लेकिन हिंदुस्तान के 147 करोड़ लोगों की आवाज को नहीं दबा सकती। उन्होंने कहा कि भारत के लोग लगातार पाकिस्तान की सच्चाई दुनिया के सामने लाते रहेंगे।इसी बीच लकी बिष्ट द्वारा 18 फरवरी को साझा किया गया “साइफर विवाद” वाला पोस्ट फिर चर्चा में आ गया है। उन्होंने दावा किया था कि पाकिस्तान में चर्चित “साइफर केस” केवल एक राजनीतिक विवाद नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों और सैन्य रणनीतियों से जुड़ा बड़ा खेल है।

 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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क्या है साइफर विवाद?
पाकिस्तान का “साइफर विवाद” 2022 में उस समय शुरू हुआ था जब पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan ने आरोप लगाया था कि उनकी सरकार गिराने के लिए विदेशी साजिश रची गई। यह विवाद अमेरिका और पाकिस्तान के बीच हुए एक कथित गुप्त राजनयिक संदेश यानी “साइफर” से जुड़ा था। लकी बिष्ट ने दावा किया कि जून 2021 में तत्कालीन CIA प्रमुख William Burns की इस्लामाबाद यात्रा के दौरान अफगानिस्तान पर निगरानी के लिए अमेरिकी सैन्य और ड्रोन बेस को लेकर बातचीत हुई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तत्कालीन पाक सेना प्रमुख Qamar Javed Bajwa और ISI प्रमुख फैज हमीद ने मिलकर इमरान खान से “Absolutely Not” वाला बयान दिलवाया, ताकि अमेरिका के साथ तनाव बढ़े और बाद में “रिजीम चेंज” का माहौल तैयार किया जा सके।

 

इस समय दुनिया और खासकर पाकिस्तान की जियोपॉलिटिक्स में जो भूचाल दिख रहा है, लोग उसे सिर्फ एक 'साइफर लीक' मान रहे हैं। लेकिन इंटेलिजेंस की दुनिया का एक सीधा नियम है जो दिखता है, वो होता नहीं और जो होता है, वो कभी दिखाया नहीं जाता।

यह पुराना सीक्रेट डॉक्यूमेंट आज अचानक हवा में…

— Lucky Bisht (@iamluckybisht) May 18, 2026

 

CIA, MI6 और मिडिल ईस्ट की नई रणनीति?

लकी बिष्ट ने दावा किया कि पुराने साइफर विवाद को दोबारा उछालना महज संयोग नहीं है। उनके मुताबिक CIA और ब्रिटेन की MI6 कथित तौर पर पाकिस्तान, तुर्किये, सऊदी अरब और कतर के साथ मिलकर एशिया और मिडिल ईस्ट के बदलते हालात के बीच नई रणनीतिक “कोर टीम” बना रही हैं। हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया और पाकिस्तान की राजनीतिक हलचल में इन चर्चाओं ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump व्हाइट हाउस में शीर्ष सैन्य और खुफिया अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक करने वाले हैं, जिसमें ब्रिटेन की MI6 और फ्रांस की DGSE के अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं हैं।

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लकी बिष्ट के चर्चित दावे और खुलासे
लकी बिष्ट के अनुसार दुनिया का ध्यान पुराने विवादों और दस्तावेजों में उलझाया जा रहा है, जबकि पर्दे के पीछे एशिया और मिडिल ईस्ट में नए सामरिक समीकरण और संभावित संघर्ष क्षेत्रों की तैयारी चल रही है।  “लकी बिष्ट” कई इंटरव्यू, पॉडकास्ट और सोशल मीडिया पोस्ट में पाकिस्तान, ISI और आतंकवाद से जुड़े कई दावे कर चुके हैं। 

 

पाकिस्तान की “डबल गेम” नीति
लकी बिष्ट ने कई बार दावा किया कि पाकिस्तान एक तरफ आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का दिखावा करता है, जबकि दूसरी ओर कुछ आतंकी संगठनों को “रणनीतिक संपत्ति” की तरह इस्तेमाल करता है। उन्होंने कहा कि ISI कथित तौर पर ऐसे नेटवर्क्स का उपयोग भारत और अफगानिस्तान में अस्थिरता फैलाने के लिए करती रही है।

 

पाकिस्तानी सेना ने उत्तरी वज़ीरिस्तान में मस्जिद नष्ट कर दी।' लेकिन असल में, पाकिस्तानी आर्मी इस पूरी घटना का ब्लेम (दोष) 'तहरीक-ए-तालिबान' (TTP) और वहां के लोकल संगठनों पर डाल रही है। pic.twitter.com/STcOJ6jrd0

— Lucky Bisht (@iamluckybisht) May 12, 2026

“हनी ट्रैप” और साइबर जासूसी नेटवर्क 
लकी बिष्ट ने दावा किया कि पाकिस्तान की एजेंसियां सोशल मीडिया, नकली महिला प्रोफाइल और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए भारतीय सैन्यकर्मियों और संवेदनशील अधिकारियों को फंसाने की कोशिश करती हैं।उन्होंने युवाओं को बार-बार चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर अनजान विदेशी संपर्कों से सतर्क रहें।

 

इमरान और सेना के रिश्ते व अफगानिस्तान-तालिबान कनेक्शन
Imran Khan और पाक सेना के रिश्तों को लेकर भी लकी बिष्ट ने कई दावे किए। उनका कहना था कि पाकिस्तान में असली शक्ति अक्सर राजनीतिक नेतृत्व की बजाय सैन्य प्रतिष्ठान के पास रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान में सत्ता परिवर्तन के बाद पाकिस्तान की रणनीति उलटी पड़ गई, क्योंकि Tehrik-i-Taliban Pakistan (TTP) जैसे संगठन खुद पाकिस्तान के लिए खतरा बन गए।

 

“इनफॉर्मेशन वॉर” व  मिडिल ईस्ट और पाकिस्तान 
लकी बिष्ट लगातार कहते रहे हैं कि भविष्य की लड़ाई सिर्फ बॉर्डर पर नहीं बल्कि “नैरेटिव और साइकोलॉजिकल वॉरफेयर” में होगी। उनके मुताबिक पाकिस्तान और कुछ अन्य देश सोशल मीडिया प्रोपेगेंडा, फेक न्यूज और धार्मिक ध्रुवीकरण के जरिए भारत के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश करते हैं। हाल के पोस्ट्स में उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान खुद को मिडिल ईस्ट की बदलती जियोपॉलिटिक्स में फिर से अहम खिलाड़ी बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि कुछ खुफिया एजेंसियां एशिया और पश्चिम एशिया में नए रणनीतिक गठजोड़ तैयार कर रही हैं।
 


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Content Writer

Tanuja

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