इस्लामाबाद का बड़ा संकेत: PM मोदी को आने का निमंत्रण भेजेगा पाकिस्तान, भारत के फैसले पर टिकी नजर
punjabkesari.in Saturday, Aug 01, 2026 - 05:38 PM (IST)
Islamabad: पाकिस्तान ने पुष्टि की है कि वर्ष 2027 में इस्लामाबाद में आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सभी सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों को औपचारिक निमंत्रण भेजा जाएगा। पाकिस्तान 2026-27 के लिए SCO की अध्यक्षता संभालने जा रहा है। इसी दौरान इस्लामाबाद में संगठन का वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित होगा, जिसकी मेजबानी पाकिस्तान करेगा।
30 जुलाई को हुई साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि SCO के मेजबान देश के रूप में पाकिस्तान का दायित्व है कि वह सभी सदस्य देशों के नेताओं को सम्मेलन में आमंत्रित करे। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि उन्हें मनीला में आसियान रीजनल फोरम (ARF) के दौरान भारत की ओर से किसी द्विपक्षीय बैठक के अनुरोध की जानकारी नहीं है। हालांकि पाकिस्तान निमंत्रण भेजेगा, लेकिन मौजूदा भारत-पाकिस्तान संबंधों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पाकिस्तान जाने की संभावना कम मानी जा रही है।विशेषज्ञों का मानना है कि भारत, SCO के एक जिम्मेदार सदस्य के रूप में सम्मेलन में भाग लेने के लिए किसी वरिष्ठ प्रतिनिधि या मंत्री को भेज सकता है।
इससे पहले अक्टूबर 2024 में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर SCO की काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट की बैठक में हिस्सा लेने पाकिस्तान गए थे। यह लगभग एक दशक में किसी भारतीय मंत्री की पहली पाकिस्तान यात्रा थी। उस समय जयशंकर ने स्पष्ट किया था कि उनकी यात्रा केवल SCO के बहुपक्षीय कार्यक्रम में भाग लेने के लिए थी, न कि भारत-पाकिस्तान के द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा के लिए। उस दौरान दोनों देशों के बीच कोई औपचारिक द्विपक्षीय बैठक नहीं हुई थी।
क्या है SCO और क्यों अहम है यह सम्मेलन?
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की स्थापना वर्ष 2001 में रूस, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने मिलकर की थी। बाद में भारत और पाकिस्तान 2017 में इसके पूर्ण सदस्य बने। वर्तमान में ईरान और बेलारूस भी इसके सदस्य हैं। SCO दुनिया के सबसे बड़े क्षेत्रीय संगठनों में से एक है, जो सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, व्यापार, ऊर्जा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर काम करता है। SCO की अध्यक्षता मिलने के बाद पाकिस्तान के लिए यह सम्मेलन अपनी कूटनीतिक भूमिका को मजबूत करने का अवसर माना जा रहा है। वहीं भारत के लिए यह निर्णय महत्वपूर्ण होगा कि वह प्रधानमंत्री स्तर पर भाग लेता है या किसी अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधि को सम्मेलन में भेजता है।
