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चालबाज चीन और नापाक पाक की करतूत, युद्धाभ्यास के बहाने स्कर्दू एयरबेस पर लड़ाकू विमान उतारे

2020-07-01T18:15:13.9

श्रीनगर/जम्मू (बलराम सैनी): कश्मीर में आतंकवाद एवं अलगाववाद की जड़ें उखड़ती देखकर पाकिस्तान ने चीन के साथ मिलकर नियंत्रण रेखा पर तनाव बढ़ाने की रणनीति बनाई है। इसी के मद्देनजर युद्धाभ्यास के बहाने चीन के लड़ाकू विमानों को पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले गिलगित-बाल्तिस्तान स्थित स्थित स्कर्दू एयरबेस पर उताकर भारत को चुनौती देने का प्रयास किया गया है। उधर, पाकिस्तानी सेना द्वारा आतंकवादियों की भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करवाने के मकसद से भारत-पाक के बीच 2003 में हुई संघर्ष विराम संधि के उल्लंघन की घटनाएं बढ़ा दी गई हैं। अकेले इसी वर्ष नियंत्रण रेखा से सटे क्षेत्रों में लगभग 2200 बार गोलाबारी की जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार सिर्फ पुंछ-राजौरी जिलों से सटे पी.ओ.के. के क्षेत्रों में ही दो दर्जन लॉन्चिंग पैड जहां सैकड़ों आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं। दुश्मन की इन साजिशों और भारी घुसपैठ की आशंका के मद्देनजर भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पर सतर्कता बढ़ा दी है।

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चौकाने वाला तथ्य यह है पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्तिस्तान के शहर स्कर्दू में चीनी एयरफोर्स की गतिविधियां देखी गई हैं। चीन द्वारा इस क्षेत्र में पहले ही चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार स्कर्दू एयरबेस पर चीनी के करीब 40 जे-10 लड़ाकू विमानों को उतारा गया है। कहने को तो चीनी और पाकिस्तानी सेनाओं द्वारा मिलकर युद्धाभ्यास करने की योजना है, लेकिन असल कारण भारतीय सेना के समक्ष चुनौती पेश  करना है, क्योंकि स्कर्दू से भारतीय लद्दाख और जम्मू-कश्मीर दोनों केंद्रशासित प्रदेशों की हवाई दूरी काफी कम हो जाती है। निश्चित तौर पर गिलबित-बाल्तिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर का इस्तेमाल करके चीनी एयरफोर्स भारत के खिलाफ युद्ध के मद्देनजर नई संभावनाओं की तलाश करने की रणनीति पर काम  कर रही है।   PunjabKesari

सूत्रों के अनुसार हाल ही में सैन्य अधिकारियों को खुफिया सूचना मिली है कि नियंत्रण रेखा से सटे पाक अधिकृत कश्मीर के इलाकों में कई लॉन्चिंग पैड पर बहुत से आतंकवादी घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं। पुंछ-राजौरी जिलों से सटे पाक अधिकृत कश्मीर के क्षेत्रों में दो दर्जन लॉन्चिंग पैड होने की सूचना है जहां लश्कर-ए-तोयबा, हिजबुल मुजाहिदीन, जैश-ए-मोहम्मद और अलबद्र जैसे आतंकी संगठनों के सैकड़ों सदस्य भारत में प्रवेश करने के लिए आमादा हैं। लगभग यही स्थिति बारामूला, कुपवाड़ा और बांडीपुरा से सटी नियंत्रण रेखा की है। 

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कई महीने से लॉन्चिंग पैड पर बैठे इन आतंकवादियों की भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करवाने के इरादे से पाकिस्तानी सेना नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का निरंतर उल्लंघन कर रही है, ताकि इस गोलाबारी की आड़ में इन आतंकवादियों की घुसपैठ करवाई जा सके, लेकिन सेना अभी तक न केवल इन आतंकवादियों की घुसपैठ पर अंकुश लगाने में कामयाब रही है, बल्कि जवाबी गोलाबारी करके पाकिस्तान को सबक भी सिखाती रही है। 

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पाकिस्तानी सेना वर्ष 2020 में ही अब तक लगभग 2200 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन करके गोलाबारी कर चुकी है। पाक सेना द्वारा जनवरी 2020 में 367, फरवरी में 366, अप्रैल में 387 और मई में 382 बार गोलाबारी की, जबकि जून में भी संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाएं और बढ़ गई हैं। हालांकि, वर्ष 2018 में केवल 1629 और 2019 में 3168 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन करके भारतीय क्षेत्रों में गोलाबारी की गई थी। पाकिस्तान समर्थित इन आतंकवादियों की भारी घुसपैठ होने की आशंका के मद्देनजर भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पर सतर्कता बढ़ा दी है। विशेष तौर पर घुसपैठ के परंपरागत मार्गों पर जवानों की तैनाती में बढ़ौतरी की गई है।
 
 


Monika Jamwal

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