असम विमान हादसे में शहीद हुए IAF जांबाजों को राहुल गांधी ने दी श्रद्धांजलि, कहा- पूरा देश उनके परिवार के साथ खड़ा है
punjabkesari.in Friday, Mar 06, 2026 - 11:29 AM (IST)
असम विमान हादसा: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी ने शुक्रवार को भारतीय वायुसेना (IAF) के दो अधिकारियों, स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुर्गकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। ये दोनों अधिकारी असम में सुखोई Su-30MKI लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के दौरान शहीद हो गए थे।
पूरा देश शोक की इस घड़ी में परिवार के साथ
राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर साझा किए एक संदेश में कहा, "भारतीय वायुसेना के जांबाज सैनिकों, स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुर्गकर की विमान दुर्घटना में शहादत की खबर अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है।" उन्होंने आगे लिखा, "मैं भारत के इन वीर सपूतों को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। पूरा देश दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़ा है।"
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#IAF confirms both pilots in last night’s Su-30 crash in Assam did not eject and went down with the aircraft 💔 The pilots have been identified as Sqn Ldr Anuj and Flt Lt Purvesh. Om Shanti#CompromisedModi #USIranWar pic.twitter.com/VOHWjBuItG
— Dipankar Das (@Dipankar_Das2) March 6, 2026
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IAF ने की शहादत की पुष्टि
इससे पहले दिन में भारतीय वायुसेना ने आधिकारिक तौर पर दोनों अधिकारियों के निधन की पुष्टि की। वायुसेना ने 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "IAF स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुर्गकर के नुकसान को स्वीकार करती है, जो Su-30 हादसे में घातक रूप से घायल हो गए थे। वायुसेना के सभी कर्मी शोक व्यक्त करते हैं और इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं।"
कैसे हुआ हादसा?
विमान हादसा असम का कार्बी आंगलोंग क्षेत्र (जोरहाट से लगभग 60 किमी दूर) में हुआ। विमान एक नियमित प्रशिक्षण मिशन (रूटीन ट्रेनिंग सॉर्टी) पर था। इस दौरान गुरुवार को विमान का रडार संपर्क टूट गया था, जिसके बाद बड़े पैमाने पर तलाशी और बचाव अभियान (SAR) चलाया गया। शुक्रवार को मलबे और अधिकारियों के शहीद होने की पुष्टि हुई।
सुखोई Su-30MKI: वायुसेना की रीढ़
सुखोई Su-30MKI भारतीय वायुसेना के सबसे शक्तिशाली मल्टी-रोल लड़ाकू विमानों में से एक है। असम के तेजपुर और जोरहाट बेस इस क्षेत्र की हवाई सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। असम में पहले भी 2015 और 2019 में सुखोई विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए थे, हालांकि उन घटनाओं में पायलट सुरक्षित बच निकलने में सफल रहे थे।
