आतंक के खिलाफ नाटक कर रहा पाकिस्तान... अमेरिका के साथ शुरू की ड्रिल, इधर घाटी में भेजे 122 आतंकी!
punjabkesari.in Sunday, Jan 11, 2026 - 10:02 PM (IST)
नेशनल डेस्कः एक तरफ पाकिस्तान अमेरिका के साथ आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहा है, तो दूसरी तरफ भारत की सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में अब भी 131 आतंकी सक्रिय हैं, जिनमें 122 पाकिस्तानी आतंकी और 9 स्थानीय आतंकी शामिल हैं। यह जानकारी शीर्ष सूत्रों ने दी है।
जम्मू क्षेत्र में भी आतंक की बड़ी मौजूदगी
रक्षा सूत्रों के अनुसार, जम्मू क्षेत्र में ही करीब 35 पाकिस्तानी आतंकी सक्रिय हैं। इससे साफ होता है कि पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के दक्षिण में भी आतंक को फिर से जिंदा करने की कोशिश की जा रही है, भले ही पाकिस्तान दुनिया के सामने खुद को आतंक-रोधी देश के रूप में पेश कर रहा हो।
अमेरिका-पाकिस्तान की जॉइंट ड्रिल क्या है?
यह संयुक्त सैन्य अभ्यास “Inspired Gambit 2026” नाम से चल रहा है। यह ड्रिल पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर में हो रही है और इसकी अवधि दो हफ्ते की है।
इस अभ्यास में फोकस किया जा रहा है:
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शहरी इलाकों में आतंक-रोधी ऑपरेशन
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और अमेरिकी व पाकिस्तानी सेनाओं के बीच तालमेल (interoperability) पर।
भारत में साथ-साथ सख्त कार्रवाई जारी
इसी दौरान, भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियां लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) और इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) पर घुसपैठ रोकने और आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज कर चुकी हैं। इसके अलावा, पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक गिराने की कोशिशों पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है।
पाकिस्तान की दोहरी नीति पर सवाल
सुरक्षा अधिकारियों ने कहा है कि पाकिस्तान की बाहरी दुनिया को दिखाई जा रही छवि और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है। एक तरफ पाकिस्तान अमेरिका जैसे देशों के साथ आतंक-रोधी ड्रिल कर रहा है, लेकिन दूसरी तरफ पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों से भारत के खिलाफ आतंक फैलाने वाले संगठन अब भी सक्रिय हैं और उन्हें समर्थन मिल रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की नई कोशिश
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय हो रहा है, जब पाकिस्तान भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद अमेरिका से रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहा है। ऑपरेशन सिंदूर भारत द्वारा मई 2025 में पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर की गई सटीक कार्रवाई थी, जिसमें आतंक के ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया था। इसके बाद से पाकिस्तान वॉशिंगटन से फिर से करीबियां बढ़ाने में जुटा हुआ है।
