Jobs Alert: अब इन लोगों के लिए घटती जा रही नौकरियां, रोजगार में आई 29% की बड़ी गिरावट, जानें वजह
punjabkesari.in Tuesday, Jan 27, 2026 - 04:21 PM (IST)
नेशनल डेस्क: जॉब मार्केट में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं। खासकर एंट्री लेवल जॉब्स की स्थिति चिंता बढ़ा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरुआती स्तर की नौकरियों में जनवरी 2024 से अब तक करीब 29 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह गिरावट सिर्फ अस्थायी मंदी नहीं बल्कि धीरे-धीरे संरचनात्मक समस्या के रूप में उभर रही है।
एंट्री लेवल जॉब्स पर एआई का असर
विशेषज्ञों का कहना है कि एआई (Artificial Intelligence) के बढ़ते इस्तेमाल से कई नौकरियों में बदलाव आया है। रैंडस्टैंड द्वारा दुनियाभर में 12.6 करोड़ नौकरियों का विश्लेषण किया गया, जिसमें स्पष्ट हुआ कि शुरुआती स्तर की नौकरियों में गिरावट का प्रमुख कारण नई तकनीकों और ऑटोमेशन से जुड़ा है।
अमेरिका में जुलाई 2024 में युवा बेरोजगारी दर 10.8 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो समग्र बेरोजगारी दर 4.3 प्रतिशत से दोगुनी से भी अधिक है। वहीं एशिया और अफ्रीका में यह स्थिति और गंभीर है; भारत में 17 प्रतिशत, चीन में 16.5 प्रतिशत और मोरक्को में करीब 36 प्रतिशत युवा बेरोजगार हैं। ब्रिटेन की स्थिति भी चिंताजनक है। 2024 में ब्रिटेन में 17,000 शुरुआती पदों के लिए 1.2 करोड़ ग्रेजुएट्स ने आवेदन किया था, जो दिखाता है कि नौकरियों की मांग बेहद अधिक है, लेकिन अवसर सीमित हैं।
केवल AI ही नहीं, कई कारण जिम्मेदार
हालांकि एआई नौकरियों पर सबसे बड़ा असर डाल रहा है, लेकिन वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की रिपोर्ट बताती है कि नौकरी में कमी का एक कारण सिर्फ AI नहीं है। इसके अलावा कॉर्पोरेट हायरिंग स्लोडाउन, आर्थिक अनिश्चितता और ग्लोबल मार्केट की बदलती परिस्थितियां भी इसका हिस्सा हैं। यही वजह है कि युवा अब अप्रेंटिसशिप और वॉकेशनल ट्रेनिंग की ओर बढ़ रहे हैं ताकि वे बदलते रोजगार परिदृश्य के अनुकूल हो सकें।
भविष्य की उम्मीदें
रिपोर्ट्स में अनुमान लगाया गया है कि साल 2030 तक करीब 78 मिलियन नई नौकरियां बनने की उम्मीद है। साथ ही, मौजूदा नौकरियों में 22 प्रतिशत हिस्से में संरचनात्मक बदलाव आएंगे। लगभग 85 प्रतिशत कंपनियां अपने कर्मचारियों को नए स्किल सीखने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं, जिसमें एआई स्किल पर अधिक जोर दिया जा रहा है। एंथ्रोपिक की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में 49 प्रतिशत नौकरियों में अब कम से कम एक चौथाई काम में AI का इस्तेमाल किया जा सकता है। 2025 से अब तक इस आंकड़े में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। AI का इस्तेमाल मुख्यतः उन क्षेत्रों में ज्यादा हो रहा है, जहां औसत से उच्च शिक्षा की आवश्यकता होती है, जैसे कि सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और तकनीकी सेवाएं।
