UPI Payments Rules 2026: 15 अक्टूबर से बदलेंगे UPI लेनदेन के नियम, जानिए- किसे कितने UPI पेमेंट पर देना होगा कितना चार्ज

punjabkesari.in Wednesday, Sep 16, 2026 - 09:18 AM (IST)

नई दिल्ली: नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI लेनदेन को लेकर एक नया मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क जारी किया है, जो 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा। इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और ग्रामीण व छोटे शहरों (Tier-3) तक इसका विस्तार करना है।

आम ग्राहकों पर कोई असर नहीं
ग्राहकों के लिए UPI सेवा पूरी तरह मुफ़्त बनी रहेगी। एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति (P2P) को किए जाने वाले ट्रांसफ़र और  2,000 RS तक के छोटे मर्चेंट भुगतानों पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। आंकड़े बताते हैं कि देश में होने वाले कुल UPI मर्चेंट (P2M) लेनदेन का 95% हिस्सा  2,000 RS से कम का होता है, जिससे आम जनता पर इसका कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।

छोटे दुकानदारों को राहत
QR कोड के ज़रिए हर महीने 1 लाख तक की कमाई करने वाले छोटे वेंडरों, रेहड़ी-पटरी वालों और किराना दुकानों को MDR शुल्क से पूरी तरह छूट दी गई है। इसके अलावा, NPCI इस पहल के तहत एक विशेष फंड भी तैयार कर रहा है, जो टियर-3 और छोटे बाज़ारों में डिजिटल भुगतान के ढांचे को आधुनिक बनाने में मदद करेगा।

बड़े लेनदेन पर शुल्क
-2,000 रुपए से अधिक के बड़े P2M लेनदेन पर अब नया शुल्क लागू होगा:
-2,000 रुपए से अधिक के भुगतान पर 0.4% MDR लगेगा, जिसकी अधिकतम सीमा (कैप) 300 रुपए तय की गई है।
-रेलवे टिकट, ईंधन (Fuel), इंश्योरेंस और यूटिलिटी सेवाओं जैसे क्षेत्रों में  2,000 रुपए से बड़े लेनदेन पर प्रति ट्रांजेक्शन 5 रुपए की फ्लैट फीस लागू होगी। अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों (जैसे क्रेडिट या डेबिट कार्ड) के मुकाबले UPI का यह नया शुल्क ढांचा काफी कम और किफायती रखा गया है।
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Anu Malhotra

Related News