बैरकपुर में रैली के दौरान पीएम मोदी बोले - अब मैं बंगाल 4 मई के बाद BJP के शपथ ग्रहण में आऊंगा

punjabkesari.in Monday, Apr 27, 2026 - 12:38 PM (IST)

नेशनल डेस्क: पीएम मोदी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले बैरकपुर में रैली को संबोधित कर रहे हैं। अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल के माहौल को देखकर मुझे लग रहा है कि मैं भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान फिर से आऊंगा।

बंगाल मेरी आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र: PM मोदी

जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि "बंगाल के प्रति मेरा लगाव 'शक्ति' की भक्ति जैसा रहा है। यह भूमि मेरी व्यक्तिगत आध्यात्मिक यात्रा का ऊर्जा केंद्र रही है। बंगाल की महान विभूतियों और यहाँ की 'जनता जनार्दन' के असीम प्रेम ने मुझे हमेशा प्रेरित किया है। इस धरती पर मुझे जो अनुभव मिले हैं, उन्हें मैं अपना सौभाग्य मानता हूँ।"

<

>

जीत का भरोसा और शपथ ग्रहण का निमंत्रण दिया

इस चुनाव अभियान की अपनी अंतिम रैली बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने पूरे बंगाल में जनता का मिजाज भांप लिया है। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा: "यह इस चुनाव में मेरी आखिरी रैली है। मैं इस भरोसे के साथ लौट रहा हूँ कि 4 मई को नतीजे आने के बाद, मुझे यहाँ भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए दोबारा आना पड़ेगा।"

जनता के संदेश और कलाकृतियों पर चर्चा

प्रधानमंत्री ने रैलियों और रोड-शो के दौरान मिलने वाले प्रेम का जिक्र करते हुए कहा कि वे लोगों द्वारा दिए गए चित्रों और पत्रों को सहेज कर रखते हैं। उन्होंने बताया कि वे रात के समय इन चित्रों को ध्यान से देखते हैं और लोगों के पत्रों में छिपे दर्द और आशीर्वाद को महसूस करते हैं।

बैरकपुर में दिखेगा त्रिकोणीय मुकाबला

बैरकपुर विधानसभा क्षेत्र में इस बार कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है:

  • भाजपा: पीएम मोदी यहाँ भाजपा उम्मीदवार कौस्तव बागची के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं।

  • TMC: सत्ताधारी दल की ओर से फिल्म निर्देशक और वर्तमान विधायक राज (राजू) चक्रवर्ती मैदान में हैं।

  • CPI(M): वामपंथी दल ने सुमन रंजन बंद्योपाध्याय को उम्मीदवार बनाया है।

आस्था और लोकतंत्र का संगम

इससे पहले रविवार को प्रधानमंत्री ने उत्तर कोलकाता में रोड-शो शुरू करने से पहले ऐतिहासिक ठंठनिया कालीबाड़ी मंदिर में मां काली का आशीर्वाद लिया था। यह मंदिर 1703 में स्थापित हुआ था और आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

News Editor

Radhika

Related News