खतरे की घंटी! Corona के बाद अब इस खतरनाक वायरस मचाया कहर, नजरअंदाज किया तो 12 घंटे में मरीज...

punjabkesari.in Monday, Jan 19, 2026 - 09:08 AM (IST)

Virus Alert: कोरोना के बाद अब निपाह (Nipah Virus) नाम का एक बेहद खतरनाक वायरस देश के कुछ हिस्सों में चिंता बढ़ा रहा है। पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन में एक विशेष जांच टीम का गठन किया है। यह टीम स्थानीय चमगादड़ों की जांच कर रही है ताकि वायरस के प्रसार को समय रहते रोका जा सके। निपाह कितना जानलेवा है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी मृत्यु दर 45% से 75% के बीच है और गंभीर स्थिति में मरीज मात्र 12 से 14 घंटों के भीतर कोमा में जा सकता है।

क्या है Nipah Virus? 

निपाह एक जुनोटिक (Zoonotic) बीमारी है। इसका मतलब है कि यह मूल रूप से जानवरों से इंसानों में फैलती है। 'टेरोपस' प्रजाति के बड़े चमगादड़ (जिन्हें फ्रूट बैट्स भी कहा जाता है) इस वायरस के प्राकृतिक घर होते हैं।यह वायरस चमगादड़ के अलावा सूअर, कुत्ते, बिल्ली और घोड़ों के जरिए भी इंसानों तक पहुंच सकता है।

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कैसे फैलता है यह संक्रमण?

निपाह के फैलने का तरीका अन्य वायरसों से थोड़ा अलग और डरावना है। यदि चमगादड़ ने किसी फल (जैसे आम या लीची) को थोड़ा सा खाया या उस पर उसकी लार लग गई और वही फल किसी इंसान ने खा लिया तो वह संक्रमित हो जाएगा। खजूर के पेड़ों से निकलने वाले कच्चे रस में अक्सर चमगादड़ के मल-मूत्र के अंश मिल जाते हैं जो संक्रमण का बड़ा कारण बनते हैं। कोरोना की तरह संक्रमित व्यक्ति के पसीने, लार या संपर्क में आने से भी यह दूसरे इंसानों में तेजी से फैलता है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

निपाह के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे लगते हैं लेकिन ये तेजी से गंभीर हो जाते हैं:

  • गले में तेज खराश और लगातार शरीर में दर्द।

  • बहुत ज्यादा कमजोरी और थकान महसूस होना।

  • सांस लेने में तकलीफ (Respiratory problems)।

  • गंभीर लक्षण: अचानक चक्कर आना, दौरे पड़ना और मानसिक भ्रम की स्थिति पैदा होना।

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बचाव ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है

चूंकि निपाह का फिलहाल कोई सटीक इलाज या वैक्सीन नहीं है इसलिए सावधानी ही बचाव है:

  • हाथ धोएं: साबुन और पानी से बार-बार हाथ साफ करें।

  • फलों की जांच: जमीन पर गिरे हुए या पक्षियों द्वारा कुतरे गए फलों को बिल्कुल न खाएं। फलों को अच्छी तरह धोकर और छीलकर ही खाएं।

  • दूरी बनाएं: यदि किसी व्यक्ति में लक्षण दिखें, तो उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

  • पेय पदार्थ: खुले में रखे गए खजूर के रस या अन्य पेय पदार्थों के सेवन से बचें।


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Content Editor

Rohini Oberoi

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