NHAI दे रहा 1,000 रुपए का फ्री FASTag रिवॉर्ड, जानें पूरी प्रक्रिया
punjabkesari.in Friday, Sep 04, 2026 - 10:10 AM (IST)
नई दिल्ली: भारत में हाईवे पर यात्रा करते समय ज़्यादातर लोगों को जो आम समस्या होती है, वह है पब्लिक टॉयलेट की कमी। हालांकि सरकार ने हाईवे और एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग जगहों पर पब्लिक टॉयलेट बनाए हैं, लेकिन वह ज्यादातर गंदे रहते जिससे अक्सर सड़क इस्तेमाल करने वालों को परेशानी होती है। इस समस्या को हल करने के लिए, NHAI अब एक स्कीम लेकर आया है जिसके तहत गंदे टॉयलेट की रिपोर्ट करने पर आपको इनाम मिल सकता है।
यह असल में 'क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज' का हिस्सा है, जिसे सितंबर 2025 में शुरू किया गया था। NHAI ने अब इस पहल को 30 जून 2027 तक बढ़ा दिया है। इस पहल को नेशनल हाईवे इस्तेमाल करने वालों से ज़बरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। 2026 में अब तक लगभग 429 यात्रियों ने गंदे टॉयलेट की रिपोर्ट की है और उन्हें हर एक को ₹1,000 का FASTag रिचार्ज इनाम के तौर पर मिला है।
यह पहल सभी नेशनल हाईवे यात्रियों के लिए खुली है। वे 'राजमार्गयात्रा' मोबाइल ऐप के लेटेस्ट वर्शन के ज़रिए गंदे टॉयलेट की साफ़, जियो-टैग और टाइम-स्टैम्प वाली तस्वीरें अपलोड करके इसमें हिस्सा ले सकते हैं। तस्वीर सबमिट करते समय यूज़र्स को अपना नाम, लोकेशन, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और मोबाइल नंबर जैसी बेसिक जानकारी भी देनी होगी।
🚻 Spot It. Report It. Get Rewarded.
— NHAI (@NHAI_Official) September 1, 2026
If you come across an unclean toilet at an NHAI-managed Toll Plaza, simply report it through the latest version of the Rajmargyatra App by uploading a clear, geo-tagged photograph along with your Name, Location, Vehicle Registration Number… pic.twitter.com/4EV7zc6Wj5
तस्वीरों और डेटा का एनालिसिस करने के बाद, ऐसी घटना की रिपोर्ट करने वाले हर योग्य गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर (VRN) को इनाम के तौर पर ₹1,000 का FASTag रिचार्ज मिलेगा, जो लिंक्ड VRN में क्रेडिट किया जाएगा। पूरी स्कीम की अवधि के दौरान हर VRN सिर्फ़ एक इनाम के लिए योग्य है। इनाम नॉन-ट्रांसफ़रेबल है और इसे कैश में क्लेम नहीं किया जा सकता। जिन मामलों में एक ही दिन एक ही सुविधा के लिए कई रिपोर्ट सबमिट की जाती हैं, उनमें सिर्फ़ 'राजमार्गयात्रा' ऐप के ज़रिए सबमिट की गई पहली वैलिड एंट्री पर ही विचार किया जाएगा।
यह स्कीम सिर्फ़ उन टॉयलेट सुविधाओं पर लागू होती है जिन्हें NHAI के अधिकार क्षेत्र में बनाया, चलाया या मेंटेन किया गया है। रिटेल फ़्यूल स्टेशन, ढाबे या दूसरी पब्लिक सुविधाओं पर बने टॉयलेट इसमें शामिल नहीं हैं, क्योंकि वे NHAI के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते हैं। सभी एंट्रीज़ की जांच AI-असिस्टेड स्क्रीनिंग और मैनुअल वैलिडेशन के ज़रिए की जाएगी।
