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चीन के भड़कावे में आया नेपाल!, भारत के इन 3 इलाकों पर दिखाया अपना कब्जा

2020-05-19T11:13:32.44

नेशनल डेस्कः नेपाल और भारत के रिश्तों के बीच आई दरार गहरी होती जा रही है। चीन के बहकावे में आकर नेपाल अपने पड़ोसी देश के साथ रिश्ते खराब कर रहा है। नेपाल अब नया मैप तैयार कर रहा है जिसमें कम से कम तीन इलाके ऐसे होंगे जो भारतीय सीमा में आते हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के नेतृत्‍व में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक के दौरान इस मैप को मंजूरी दी गई। नए मैप के मुताबिक लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी नेपाल में हैं जबकि ये भारत में आते हैं। वहीं मैप जारी होने के बाद नेपाल की राष्‍ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने कहा कि लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी इलाके नेपाल में आते हैं और इन इलाकों को वापस पाने के लिए मजबूत कूटनीतिक कदम उठाए जाएंगे।

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नेपाल के सभी इलाकों को दिखाते हुए एक आधिकारिक मानचित्र जारी होगा। वहीं भारत का मानना है कि नेपाल यह सब करछ चीन के भड़काने पर कर रहा है। शुक्रवार को सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने कहा था कि नेपाल के लिपुलेख मुद्दा उठाने के पीछे कोई विदेशी ताकत हो सकती है। जनरल नरवणे ने कहा था कि मुझे नहीं पता कि असल में नेपाल किस बात के लिए गुस्‍सा कर रहा है जबकि पहले तो कभी ऐसी कोई समस्या नहीं हुई। जनरल नरवणे ने कहा कि हो सकता है कि किसी के इशारे पर नेपाल ऐसा कर रहा हो। 

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नेपाल के गुस्से का कारण
दरअसल पिछले दिनों धारचूला से लिपुलेख तक नई रोड का रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उद्घाटन किया गया था। इस रोड पर काठमांडू ने आपत्ति जताई है। इस रोड से कैलाश मानसरोवर जाने वाले तीर्थयात्रियों की दूरी कम हो जाएगी। नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप कुमार ग्‍यावली ने भारत के राजदूत विनय मोहन क्‍वात्रा को तलब कर लिया था। जवाब में भारत ने कहा था कि उत्‍तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में हाल ही बनी रोड पूरी तरह भारत के इलाके में हैं लेकिन नेपाल ने इस मामले को तूल दे दी है।

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Seema Sharma

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