Near Death Experience: मौत के बाद क्या होता है? 4 दिन बाद जिंदा लौटी महिला ने किया खुलासा, सुनकर रह जाएंगे हैरान
punjabkesari.in Wednesday, Apr 08, 2026 - 05:12 PM (IST)
नेशनल डेस्क: मौत के बाद क्या होता है, यह सवाल सदियों से लोगों के मन में उठता रहा है। क्या सच में कोई दूसरी दुनिया होती है या यह सिर्फ एक कल्पना है? इसी बीच अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना की रहने वाली एक महिला ने ऐसा दावा किया है, जिसने इस बहस को फिर से चर्चा में ला दिया है।
1990 की घटना, अचानक बिगड़ी तबीयत
यह घटना साल 1990 की बताई जा रही है, जब पामेला नैंस नाम की महिला की उम्र करीब 22 साल थी। उस समय वह एक रेस्टोरेंट में काम करती थीं। एक दिन अचानक उनके पेट में तेज दर्द हुआ, जिसे उन्होंने सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिया। लेकिन यह दर्द असल में गंभीर अंदरूनी रक्तस्राव (इंटरनल ब्लीडिंग) का संकेत था। अगले ही दिन वह बाथरूम में बेहोश होकर गिर पड़ीं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें ‘क्लीनिकली डेड’ घोषित कर दिया।
“आत्मा ने दूसरी दुनिया का अनुभव किया”
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पामेला का दावा है कि जब उनका शरीर अस्पताल के आईसीयू में था, उस दौरान उन्होंने एक अलग ही दुनिया का अनुभव किया। उनका कहना है कि वहां के रंग और वातावरण इतने अलग और सुंदर थे कि उन्हें शब्दों में पूरी तरह व्यक्त करना मुश्किल है। पामेला के अनुसार, उन्होंने वहां एक विशाल पेड़ देखा, जो उनसे संवाद कर रहा था और अपनी ओर आकर्षित कर रहा था। उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि वह अब एक सामान्य इंसान नहीं रहीं, बल्कि पूरी प्रकृति का हिस्सा बन चुकी हैं।
पालतू कुत्ते से भावुक मुलाकात
इस अनुभव का सबसे भावुक हिस्सा वह था, जब उन्होंने अपने पालतू कुत्ते से मुलाकात होने का दावा किया। उन्होंने बताया कि उनका पालतू रॉटवीलर ‘हॉली’ भी उसी दिन मर गया था, जिस दिन उनकी तबीयत गंभीर हुई थी। उस कथित अनुभव में उन्होंने अपने कुत्ते को देखा, जिससे वह भावुक हो गईं।
बौद्ध भिक्षु से मिला जीवन का संदेश
पामेला ने यह भी दावा किया कि इस दौरान उन्हें एक बौद्ध भिक्षु दिखाई दिए, जिन्होंने उन्हें जीवन के बारे में गहरी बातें समझाईं। इस अनुभव के बाद उनका जीवन और सोच पूरी तरह बदल गई।
डॉक्टरों की कोशिश से बची जान
करीब पांच दिनों तक चले इलाज और संघर्ष के बाद पामेला की जान बच गई। हालांकि, इस घटना के बाद उन्होंने अपने जीवन को देखने का नजरिया पूरी तरह बदल जाने की बात कही।
