Garud Purana : गरुड़ पुराण में बताए गए 4 ऐसे पाप जो मृत्यु के बाद दिलाते हैं सजा!
punjabkesari.in Monday, Apr 06, 2026 - 02:54 PM (IST)
नेशनल डेस्क : गरुड़ पुराण हिंदू धर्म के प्रमुख 18 महापुराणों में से एक है, जो जीवन, मृत्यु, कर्म और मोक्ष से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को समझाता है। यह ग्रंथ भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ के बीच संवाद पर आधारित है और इसमें अच्छे और बुरे कर्मों के परिणामों का विस्तार से वर्णन है। इसमें बताया गया है कि अच्छे कर्म करने वाले व्यक्ति को सुख और शांति मिलती है, जबकि बुरे कर्म करने वाले मृत्यु के बाद भी कष्ट झेलते हैं।
गरुड़ पुराण में पाप और पुण्य
गरुड़ पुराण में यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि किसी भी व्यक्ति के कर्म उसके जीवन और मृत्यु के बाद उसकी आत्मा के मार्ग को प्रभावित करते हैं। यहाँ जीवन में किए गए गलत कामों और पापों का असर मृत्यु के बाद भी दिखता है। आत्मा यमलोक तक कैसे पहुंचती है, वहां किन परिस्थितियों का सामना करती है और किस तरह उसके कर्मों का हिसाब होता है, इसका भी विस्तार से वर्णन किया गया है।
यह भी पढ़ें - बाजार खुलते ही औंधे मुंह गिरी चांदी, सोना भी लुढ़का; जानें 10 ग्राम का नया रेट
माता-पिता और गुरु का अपमान
गरुड़ पुराण के अनुसार, माता-पिता और गुरु का अपमान करना बहुत बड़ा पाप है। ऐसा करने वाले व्यक्ति को मृत्यु के बाद कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इनका जीवन मृत्यु के बाद भी पीड़ा में बीतता है और आत्मा को शांति नहीं मिलती।
झूठ बोलना और विश्वास तोड़ना
किसी को झूठी जानकारी देना या भरोसा तोड़ना भी बड़ा पाप माना गया है। गरुड़ पुराण में बताया गया है कि ऐसे व्यक्ति को मृत्यु के बाद गंभीर और दुखद परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उनका दुःख लंबी अवधि तक चलता है और आत्मा को शांति नहीं मिलती।
गौ हत्या
हिंदू धर्म में गाय को अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसलिए गौ हत्या को सबसे बड़ा पाप माना गया है। गरुड़ पुराण के अनुसार, ऐसे कर्म करने वाले व्यक्ति को मृत्यु के बाद कष्टों का सामना करना पड़ता है और आत्मा लंबे समय तक शांति नहीं पाती।
भ्रूण हत्या
गरुड़ पुराण में भ्रूण हत्या को भी गंभीर पापों में गिना गया है। ऐसा करने वाले व्यक्ति को मृत्यु के बाद अत्यंत कठिन दंड भुगतना पड़ता है। इस पाप का प्रभाव लंबे समय तक आत्मा को परेशान करता है और मोक्ष प्राप्ति मुश्किल हो जाती है।
