Phone Hijacking : सिर्फ 13 रुपये के चक्कर में हुआ 25 लाख का बड़ा नुकसान, भूलकर भी मत कर देना आप ये गलती
punjabkesari.in Thursday, Mar 26, 2026 - 05:32 PM (IST)
नेशनल डेस्क : मुंबई से एक बड़ा साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला को शिकार बनाया गया। साइबर ठगों ने महिला को बड़ी ही चालाकी से फंसाया और उसके बैंक खाते से 25 लाख रुपये निकाल लिए। महिला ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
WhatsApp के जरिए फंसाया गया शिकार
पुलिस ने बताया कि ठगों ने महिला से WhatsApp मैसेजिंग के माध्यम से संपर्क किया। महिला को एक फाइल डाउनलोड करने को कहा गया, जिसे ठगों ने WhatsApp के जरिए भेजा। इसके बाद महिला से 13 रुपये का भुगतान करवाया गया और फिर फोन की डिटेल्स ठगों के पास चली गई। इसे तकनीकी भाषा में फोन हाईजैकिंग या वर्चुअल हाईजैक कहा जा सकता है।
बैंक डिटेल्स चुराकर 25 लाख रुपये निकाल लिए
फोन का एक्सेस मिलने के बाद ठगों ने महिला से उसके क्रेडिट कार्ड और बैंक अकाउंट डिटेल्स दर्ज करने को कहा। इसके कुछ ही समय बाद महिला के खाते से 25 लाख रुपये कट गए। जब महिला को यह मैसेज मिला, तब उन्हें समझ आया कि वे साइबर ठगी का शिकार हो गई हैं। महिला ने 21 मार्च को मुंबई पुलिस में कंप्लेंट दर्ज कराई।
साइबर ठगों के इस्तेमाल किए जाने वाले तरीके
साइबर ठग आम लोगों को शिकार बनाने के लिए कई चालाकी भरे तरीके अपनाते हैं। इनमें प्रमुख हैं:
1. फिशिंग लिंक : ठग फर्जी SMS, ईमेल या APK फाइल भेजकर लोगों के डेटा को चुराते हैं।
2. मैलवेयर ऐप्स : नकली ऐप्स के जरिए फोन का एक्सेस प्राप्त कर लिया जाता है। ये ऐप्स WhatsApp या थर्ड पार्टी प्लेटफॉर्म के माध्यम से भेजे जाते हैं।
3. OTP/कॉल स्कैम : बैंकिंग OTP चुराकर खाते से पैसे निकालने के लिए ठग इसे इस्तेमाल करते हैं।
4. सिम स्वैपिंग : सिम कार्ड का डुप्लीकेट जारी कराकर बैंकिंग OTP और महत्वपूर्ण संदेश ठगों के पास पहुंच जाते हैं।
साइबर ठगों से बचाव के उपाय
साइबर ठगी से बचने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाना बेहद जरूरी है:
- अनजान नंबर, कॉल, मैसेज या ईमेल पर तुरंत भरोसा न करें।
- किसी भी फाइल, लिंक या ऐप को बिना सत्यापित किए डाउनलोड न करें।
- बैंक OTP, क्रेडिट/डेबिट कार्ड डिटेल्स किसी के साथ साझा न करें।
- किसी भी शंका होने पर एक्सपर्ट या बैंक से संपर्क करें और जानकारी की सत्यता जांचें।
