Pre-monsoon Rain Alert: देश के 25 से ज्यादा राज्यों में प्री-मानसून का तांडव, अगले 5 दिन भारी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट

punjabkesari.in Thursday, Mar 19, 2026 - 03:58 PM (IST)

नई दिल्ली: साल 2025 में मानसून के यादगार और रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन के बाद, अब 2026 की शुरुआत भी इंद्रदेव की मेहरबानी के साथ हुई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 25 से ज्यादा राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियों ने अचानक रफ्तार पकड़ ली है, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है।  उत्तर से लेकर दक्षिण तक, मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है और अगले 5 दिनों के लिए विभाग ने एक विस्तृत 'Rain Alert' जारी किया है।  

राजस्थान और यूपी में बिगड़ेंगे हालात: ओले गिरने की चेतावनी

मरुधरा यानी राजस्थान में प्री-मानसून का असर सबसे ज्यादा दिखने वाला है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 5 दिनों तक राज्य के कई जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ भारी बारिश हो सकती है। कहीं रिमझिम फुहारें पड़ेंगी, तो कहीं तेज गर्जना के साथ बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही कई इलाकों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी संभावना जताई गई है।

वहीं, उत्तर प्रदेश में भी मौसम के तेवर तल्ख रहने वाले हैं। विभाग के अनुसार, यूपी के आसमान में अगले पांच दिन बादलों का डेरा रहेगा और जमकर बारिश होगी। इस दौरान तेज रफ्तार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे तापमान में तो गिरावट आएगी लेकिन सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

देशव्यापी अलर्ट: दिल्ली-NCR से लेकर केरल तक भीगेगा भारत

प्री-मानसून की यह सक्रियता केवल एक-दो राज्यों तक सीमित नहीं है। मौसम विभाग ने एक लंबी फेहरिस्त जारी की है जहां अगले 120 घंटों के दौरान भारी बारिश की संभावना है:

  • उत्तर भारत: दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के साथ लद्दाख में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी।

  • मध्य और पश्चिम भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अनुमान है।

  • पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलावा असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

  • दक्षिण भारत: केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और तटीय आंध्र प्रदेश समेत पुडुचेरी और कराईकल जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में भी प्री-मानसून की फुहारें राहत और आफत दोनों लेकर आएंगी।

सावधानी ही बचाव है

IMD ने सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और बिजली चमकने की स्थिति में पेड़ों या खुले मैदानों से दूर रहें। 2025 की शानदार बारिश के बाद 2026 की यह निरंतरता खेती के लिहाज से तो महत्वपूर्ण है, लेकिन अचानक होने वाली ओलावृष्टि फसलों को नुकसान भी पहुँचा सकती है।


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Content Editor

Anu Malhotra

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