"मम्मी-पापा सॉरी कोरियन लव गेम नहीं छोड़ पा रही...", गाजियाबाद में तीन बहनों ने 9वीं मंजिल से लगाई छलांग

punjabkesari.in Wednesday, Feb 04, 2026 - 10:43 AM (IST)

Ghaziabad News: गाजियाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां तीन नाबालिग बहनों ने एक साथ 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें एक ऑनलाइन “कोरियन लव गेम” की लत में थीं और इसी को लेकर घर में हुई डांट के बाद उन्होंने यह खौफनाक कदम उठा लिया।

तीन सगी बहनों ने हाथ पकड़कर बालकनी से लगाई छलांग
दरअसल, भारत सिटी बी-1 टावर के फ्लैट नंबर 907 में रहने वाली तीन सगी बहनों ने रात करीब 2 बजे हाथ पकड़कर बालकनी से छलांग लगा दी। तीनों बहनों की उम्र 12 से 16 साल के बीच थी। मृतक बहनों के नाम निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) हैं। वे कोरोना काल से एक ऑनलाइन टास्क-बेस्ड “कोरियन लव गेम” खेल रही थीं और इसकी लत लग चुकी थी। बताया जा रहा है कि उनके पिता चेतन ने उन्हें मोबाइल पर गेम खेलने से मना किया और डांट लगाई थी। इसके बाद तीनों बहनें मानसिक तनाव में आ गईं और यह कदम उठा लिया। घटना की सूचना पुलिस को रात 2:18 बजे मिली। थाना पुलिस मौके पर पहुंची तो तीनों बच्चियां नीचे जमीन पर गंभीर हालत में पड़ी थीं। उन्हें तुरंत एंबुलेंस से लोनी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

“मम्मी-पापा सॉरी… गेम नहीं छोड़ पा रही हूं”
एडिशनल पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। जांच में यह बात सामने आई है कि तीनों बहनें एक ही कमरे में रहती थीं और मोबाइल फोन से ऑनलाइन गेम खेलती थीं। पुलिस को उस कमरे से एक डायरी भी मिली है, जिसमें सुसाइड नोट लिखा हुआ था। नोट में लिखा है— “मम्मी-पापा सॉरी… गेम नहीं छोड़ पा रही हूं।” वहीं, एसपी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि परिवार में पिता ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग का काम करते हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बच्चियां किन लोगों के संपर्क में थीं और गेम के जरिए उन पर किस तरह का मानसिक दबाव बनाया जा रहा था।

क्या है कोरियन लव गेम?
कोरियन लव गेम एक तरह का ऑनलाइन चैट आधारित गेम है, जो सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप के जरिए फैलता है। इसमें सामने वाला खुद को विदेशी या कोरियन लड़का-लड़की बताकर बात शुरू करता है। पहले दोस्ती और प्यार की बातें होती हैं, फिर छोटे-छोटे टास्क दिए जाते हैं। धीरे-धीरे टास्क मुश्किल होते जाते हैं और मानसिक दबाव बढ़ने लगता है। कई मामलों में बात न मानने पर डराया भी जाता है, जिससे खेलने वाला व्यक्ति तनाव में चला जाता है और उसका व्यवहार बदलने लगता है।


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Content Editor

Khushi

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