गाजियाबाद में रिश्वतखोरी का पर्दाफाश: निवाड़ी थाने का SHO 50 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
punjabkesari.in Tuesday, Feb 03, 2026 - 08:16 PM (IST)
नेशनल डेस्क: गाजियाबाद में एक बार फिर पुलिस विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। निवाड़ी थाना प्रभारी (SHO) इंस्पेक्टर जयपाल सिंह रावत को विजिलेंस टीम ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए थाने के भीतर ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई मंगलवार 3 फरवरी 2026 को की गई, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने एक पूर्व ग्राम प्रधान को झूठे मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की धमकी देकर रिश्वत की मांग की थी।
क्या है पूरा मामला?
यह केस अबूपुर गांव के पूर्व ग्राम प्रधान राकेश कुमार से जुड़ा है। 2 जनवरी 2026 को निवाड़ी थाने में उनके खिलाफ एक मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता विजय सिंह ने आरोप लगाया था कि पूर्व प्रधान ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की है।
पूर्व प्रधान राकेश कुमार का दावा है कि आरोप पूरी तरह फर्जी हैं। जिस समय टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया, वे SBI बैंक में मौजूद थे। उनकी लोकेशन और बैंक के CCTV फुटेज से यह बात साबित हो सकती है। यह मुकदमा चुनावी रंजिश के चलते दर्ज कराया गया।
SHO ने मांगी ‘डील’, नहीं दी रकम तो शुरू हुआ उत्पीड़न
पूर्व प्रधान जब अपनी बेगुनाही के सबूत लेकर थाने पहुंचे तो SHO जयपाल सिंह रावत ने भरोसा दिलाया कि मामला खत्म कर दिया जाएगा, लेकिन इसके बदले 50 हजार रुपये की मांग रख दी। जब राकेश कुमार ने रिश्वत देने से इनकार किया तो आरोप है कि घर पर दबिश दी गई, बार-बार थाने बुलाकर मानसिक दबाव बनाया गया और जेल भेजने की धमकियां दी गईं।
शिकायतें हुईं, लेकिन नहीं हुई सुनवाई
पूर्व प्रधान ने ACP मोदीनगर DCP सुरेंद्रनाथ तिवारी
से शिकायत की। उनकी पत्नी बबीता ने भी लिखित प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन किसी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मजबूर होकर उन्होंने मेरठ विजिलेंस कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
विजिलेंस का जाल, थाने में ही धराया इंस्पेक्टर
विजिलेंस टीम ने पूरा जाल बिछाया और पूर्व प्रधान को तय रकम लेकर थाने भेजा गया। जैसे ही इंस्पेक्टर जयपाल सिंह रावत ने 50 हजार रुपये अपनी जेब में रखे, विजिलेंस टीम ने मौके पर दबिश दी और उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। मौके से पूरी रकम बरामद कर ली गई है।
कौन हैं इंस्पेक्टर जयपाल सिंह रावत?
- 2013 बैच के दरोगा
- एक साल पहले इंस्पेक्टर पद पर प्रमोशन
- वर्तमान में निवाड़ी थाने के SHO
- पहले हापुड़ में सर्विलांस ऑफिस में तैनाती
विजिलेंस ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
यह गाजियाबाद में पिछले तीन महीनों में विजिलेंस की तीसरी बड़ी एंटी-करप्शन कार्रवाई है। लगातार हो रही गिरफ्तारियों से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और विभाग की साख पर सवाल गहराते जा रहे हैं।
