Gold Rate: क्या सोने के दामों में आएगी गिरावट? ट्रंप की टैरिफ कटौती के बाद कीमतों में होगा बदलाव?
punjabkesari.in Tuesday, Feb 03, 2026 - 07:42 PM (IST)
नेशनल डेस्कः भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में एक बार फिर मजबूती के संकेत मिले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच सोमवार रात फोन पर हुई बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर सहमति बनी है। इस बातचीत के बाद अमेरिका ने भारतीय रत्न और आभूषणों पर लगाए गए भारी-भरकम टैरिफ में बड़ी कटौती की है, जिसका असर अब सोने की कीमतों और ज्वेलरी बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।
अमेरिकी प्रशासन ने भारतीय रत्न एवं आभूषणों पर लगने वाले टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बीते कुछ महीनों में ऊंचे शुल्क के कारण भारतीय निर्यातकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। अमेरिका भारत के लिए रत्न और आभूषणों का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है, ऐसे में इस राहत को उद्योग के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, भारत हर साल अमेरिका को करीब 10 अरब डॉलर के रत्न और आभूषणों का निर्यात करता है, जिसमें हीरों की हिस्सेदारी 7 से 8 अरब डॉलर के बीच रहती है। लेकिन टैरिफ बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाने से निर्यात पर गहरा असर पड़ा। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच अमेरिका को भारतीय निर्यात 44.42 प्रतिशत घटकर 3.86 अरब डॉलर रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 6.95 अरब डॉलर था। अकेले दिसंबर 2025 में निर्यात में 50 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
अब टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने से भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इससे न केवल निर्यात लागत कम होगी, बल्कि छोटे और मध्यम कारोबारियों पर पड़ा दबाव भी घटेगा। पहले ऊंचे शुल्क के कारण डिलीवरी में देरी, मुनाफे में कमी और रोजगार पर संकट जैसी समस्याएं सामने आ रही थीं। रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (GJEPC) ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि भारत सरकार लगातार विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों पर काम कर रही है। इससे भारतीय उत्पादों के लिए नए बाजार खुलेंगे और वैश्विक स्तर पर भारत की विश्वसनीयता और प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी।
इस फैसले का असर सोने की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि टैरिफ में कटौती से निर्यात बढ़ने की संभावना है, जिससे घरेलू बाजार में सोने की मांग में थोड़ी नरमी आ सकती है। ऐसी स्थिति में सोने की कीमतों में गिरावट संभव है। कीमतों में राहत मिलने पर उपभोक्ता एक बार फिर आभूषणों की खरीदारी की ओर लौट सकते हैं। कुल मिलाकर, भारत-अमेरिका के बीच यह व्यापारिक समझौता रत्न एवं आभूषण उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आया है। यह क्षेत्र देश में लाखों लोगों को रोजगार देता है और अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाता है। टैरिफ में कटौती से उद्योग में नई जान आने और व्यापारिक गतिविधियों के तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।
