पाक अधिकृत कश्मीर में बिगड़े हालातः अयूब मिर्जा ने PM मोदी से लगाई तुरंत एक्शन की गुहार, कहा- PoK को दुष्ट पाकिस्तान से बचाओ
punjabkesari.in Tuesday, Jun 16, 2026 - 07:38 PM (IST)
London: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में बढ़ते तनाव और विरोध प्रदर्शनों के बीच मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. अमजद अयूब मिर्जा ने भारत सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और आम नागरिकों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। एक वीडियो संदेश में मिर्जा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे को सर्वोच्च स्तर पर उठाने की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार को कैबिनेट, विभिन्न राजनीतिक दलों, विपक्षी नेताओं और संबंधित मंत्रालयों की आपात बैठक बुलानी चाहिए, ताकि संभावित हिंसा को रोका जा सके।
Embarrassing Scenes for Pakistan.
— Sonam Mahajan (@AsYouNotWish) June 15, 2026
Security forces, including police personnel, flee protest sites across PoJK, including the capital Muzaffarabad, as enraged protesters clash with armed policemen as well as paramilitary and military personnel. pic.twitter.com/2LY0TKeV8G
मिर्जा ने आरोप लगाया कि PoJK में विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में महिलाएं भी सड़कों पर उतरकर आंदोलन में शामिल हुई हैं, लेकिन अब उन्हें भी निशाना बनाया जा रहा है और गिरफ्तारियों की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि हजारों महिलाएं प्रमुख शहरों में धरनों और प्रदर्शन मार्चों में शामिल हुई हैं। उनके अनुसार, अब महिलाओं के खिलाफ भी कार्रवाई किए जाने की सूचनाएं मिल रही हैं, जिससे लोगों में चिंता बढ़ गई है। मानवाधिकार कार्यकर्ता ने भारत सरकार से सभी उपलब्ध कूटनीतिक और मानवीय माध्यमों का उपयोग कर दुष्ट पाकिस्तान से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
Pojk protestors and kashmiri ex army officers took arms against the pak army. pic.twitter.com/EXY7tFLtCS
— INTEL-24 (@Tracking_Live) June 14, 2026
उन्होंने PoJK के लोगों से भी इस मांग का समर्थन करने का आह्वान किया।यह अपील ऐसे समय में आई है जब रावलाकोट, मुजफ्फराबाद और अन्य क्षेत्रों में सरकार की नीतियों, बढ़ती आर्थिक कठिनाइयों और प्रशासनिक फैसलों के विरोध में प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग किया जा रहा है। हाल के दिनों में रावलाकोट में हुए प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों की भी खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं में लोगों के मारे जाने और घायल होने के दावों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
