PoK में 20 मौतों के बीच पाक रक्षा मंत्री बोले-''प्रदर्शनकारियों से नहीं होगी कोई बातचीत...ये भारत जैसे ''दुश्मन'', मिला करारा जवाब
punjabkesari.in Wednesday, Jul 29, 2026 - 07:45 PM (IST)
Islamabad: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शनों पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदर्शनकारियों को भारत जैसा "दुश्मन" करार दिया है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार प्रदर्शनकारियों से किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगी। इस बीच, प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 20 बताई जा रही है। इस्लामाबाद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ख्वाजा आसिफ ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को भारत की तरह पाकिस्तान का दुश्मन माना जाना चाहिए और उनके साथ किसी भी प्रकार की वार्ता नहीं होगी। वहीं प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने दावा किया कि ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने सरकार के सामने 38 मांगें रखी थीं, लेकिन अब वह मुजफ्फराबाद और मीरपुर पर बलपूर्वक कब्जा करना चाहती है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों की तुलना "भारत जैसे हमले" से भी की।
20 प्रदर्शनकारियों की मौत का दावा
प्रतिबंधित ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) का दावा है कि सोमवार से सुरक्षा बलों के साथ हुई झड़पों में उसके 20 कार्यकर्ताओं की मौत हो चुकी है और कई अन्य घायल हुए हैं। हालांकि, पाकिस्तान के कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी आधुनिक हथियारों से लैस थे और उन्होंने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की। पुलिस का कहना है कि मौतों की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम और रिकॉर्ड के बाद ही की जाएगी। सोमवार को PoK की तथाकथित विधानसभा की 13 सीटों पर पहले चरण का मतदान हुआ। प्रारंभिक परिणामों के अनुसार
- पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) ने 9 सीटें जीतीं।
- पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) को 4 सीटें मिलीं।
- इमरान खान की PTI ने चुनाव का बहिष्कार किया।
PPP ने आरोप लगाया है कि चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली कर PML-N को फायदा पहुंचाया गया। बाकी 32 सीटों पर मतदान 2 और 10 अगस्त को होगा। JAAC पिछले कई सप्ताह से विधानसभा की 12 विवादित आरक्षित सीटों को खत्म करने की मांग कर रही है। संगठन का आरोप है कि इन्हीं सीटों के जरिए पाकिस्तान की सत्ता प्रतिष्ठान अपनी पसंद की सरकार बनवाती है। सोमवार को रावलकोट से मुजफ्फराबाद तक निकाले गए "लॉन्ग मार्च" के दौरान हिंसा भड़क गई। JAAC का दावा है कि उसके प्रदर्शनकारी निहत्थे थे और केवल लाठियां लिए हुए थे, जबकि पुलिस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के पास आधुनिक हथियार थे।
हिंसा के बाद पाकिस्तान प्रशासन ने PoK के कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। साथ ही, स्थानीय मीडिया को JAAC के प्रदर्शनों की कवरेज से भी रोक दिया गया है। भारत ने PoK में हो रहे चुनावों को पाकिस्तान के अवैध कब्जे को वैध दिखाने की कोशिश बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र, जिसमें पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले हिस्से भी शामिल हैं, भारत का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि PoK में जारी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान के आर्थिक शोषण, प्रशासनिक दमन और लोगों के मौलिक अधिकारों के हनन का परिणाम हैं।
