पाक अधिकृत कश्मीर में चुनाव के बीच बवाल; सैन्य दखल और धांधली के आरोप, दो जिलों में मतदान टला
punjabkesari.in Monday, Jul 27, 2026 - 07:27 PM (IST)
International Desk: पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में विधानसभा चुनावों के बीच राजनीतिक तनाव और विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ रहे हैं। सुधनोती और रावलाकोट जिलों में जारी धरने के कारण चुनाव 10 अगस्त तक स्थगित कर दिए गए हैं। यह विरोध प्रदर्शन जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और पब्लिक एक्शन कमेटी (PAC) के नेतृत्व में पिछले 52 दिनों से जारी है। प्रदर्शनकारी गिरफ्तार कार्यकर्ताओं की रिहाई, दर्ज मामलों को वापस लेने और अपनी अन्य मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि सरकार के साथ हुई बातचीत विफल रही क्योंकि प्रशासन उनकी प्रमुख मांगें मानने को तैयार नहीं हुआ। JAAC ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो हजारों लोग रावलाकोट से मुजफ्फराबाद तक मार्च करेंगे।
इस बीच, मीरपुर डिवीजन की 13 विधानसभा सीटों पर पहले चरण का मतदान शुरू हो गया है। हालांकि, कई राजनीतिक दलों का कहना है कि लंबे समय से जारी हड़ताल और प्रदर्शनों के कारण चुनाव प्रचार गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनता की प्राथमिकता चुनाव नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं, महंगाई, बिजली और आटे की कीमतों जैसे मुद्दों का समाधान है। उनका दावा है कि अवामी एक्शन कमेटी के आंदोलन के दबाव के बाद सरकार को आटा और बिजली की कीमतें कम करनी पड़ी थीं।
दूसरी ओर, कई संगठनों और विश्लेषकों ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान की सेना चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि सेना अपनी पसंद की सरकार बनवाना चाहती है। अवामी एक्शन कमेटी ने चुनावों के बहिष्कार की अपील करते हुए इन्हें "पूर्व-निर्धारित" और "धांधली वाला" बताया है। वहीं पाकिस्तान प्रशासन का दावा है कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराए जा रहे हैं तथा सुरक्षा के मद्देनजर राजनीतिक रैलियों और सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध लगाया गया है।पहले चरण में 13 सीटों पर मतदान हो रहा है, जहां 14 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं। इन चुनावों में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N), पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) और अन्य दल मैदान में हैं।
