अमीरों का बड़ा माइग्रेशन: इस साल 1.65 लाख करोड़पति छोड़ेंगे देश, लंदन-पेरिस नहीं, ये 2 देश बने पहली पसंद

punjabkesari.in Saturday, Jun 20, 2026 - 08:02 AM (IST)

Millionaire Migration: दुनियाभर में अमीर लोगों के एक देश से दूसरे देश में बसने का ट्रेंड 2026 में तेज़ी से बढ़ता दिख रहा है। हाल ही में आई Henley Wealth Migration Report 2026 के अनुसार इस साल लगभग 1.65 लाख करोड़पति अपने देश छोड़कर विदेश में नई जिंदगी शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। यह आंकड़ा पिछले वर्षों की तुलना में काफी ज्यादा है। 2025 में जहां यह संख्या करीब 1.5 लाख थी, वहीं अब इसमें और बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई कारण हैं जैसे बढ़ते राजनीतिक तनाव, टैक्स नीतियों में बदलाव, आर्थिक अस्थिरता और बेहतर जीवनशैली की तलाश।

अमीरों की पहली पसंद है ये देश
पहले अमीरों की पहली पसंद लंदन, पेरिस और न्यूयॉर्क जैसे बड़े शहर हुआ करते थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। नई रिपोर्ट के मुताबिक अब अमीर ऐसे देशों की ओर जा रहे हैं जहां टैक्स कम या बिल्कुल नहीं है और बिजनेस करने के अवसर ज्यादा हैं।

UAE बना नंबर 1 डेस्टिनेशन
इस सूची में सबसे ऊपर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) है, खासकर दुबई। यहां का गोल्डन वीजा प्रोग्राम, जीरो इनकम टैक्स नीति, लग्जरी लाइफस्टाइल और सुरक्षित बिजनेस वातावरण अमीरों को सबसे ज्यादा आकर्षित कर रहा है। यही वजह है कि UAE दुनिया का सबसे पसंदीदा वेल्थ माइग्रेशन हब बन गया है।

सिंगापुर एशिया में दूसरी बड़ी पसंद
एशिया में सिंगापुर करोड़पतियों की दूसरी सबसे बड़ी पसंद बनकर उभरा है। मजबूत अर्थव्यवस्था, साफ-सुथरा प्रशासन, सुरक्षित बैंकिंग सिस्टम और व्यापार के अनुकूल माहौल इसे हाई नेट-वर्थ लोगों के लिए बेहद आकर्षक बनाता है। भारत, चीन और अन्य एशियाई देशों के कई अमीर लोग यहां शिफ्ट हो रहे हैं।

अन्य टॉप देश भी लिस्ट में शामिल
रिपोर्ट के अनुसार टॉप-5 देशों में शामिल हैं:
UAE (United Arab Emirates) - पहले स्थान पर
Singapore - दूसरे स्थान पर
USA 
Australia
Switzerland

देशों के लिए चिंता की बात
विशेषज्ञों का मानना है कि जिन देशों से अमीर लोग बाहर जा रहे हैं, वहां आर्थिक नुकसान की संभावना बढ़ सकती है। करोड़पतियों के साथ-साथ निवेश, टैक्स रेवेन्यू और रोजगार के अवसर भी प्रभावित होते हैं। इसलिए कई देश अब अपनी टैक्स और आर्थिक नीतियों में बदलाव पर विचार कर रहे हैं ताकि इस wealth drain को रोका जा सके।
 


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Content Editor

Anu Malhotra

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